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सलीम चिश्ती की दरगाह के बाहर आसमान से बरसीं मछलियां, हैरत में पड़े लोग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 13 Jul 2018 03:05 PM IST
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जमीन पर पड़ीं आसमान से गिरीं मछलियां
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के फतेहपुर सीकरी में गुरुवार को आसमान से मछलियां बरसीं। इस खबर से लोग अचंभित रह गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफेद रंग की दर्जनों मछलियां आसमान से गिरीं।
दरअसल, गुरुवार दोपहर को फतेहपुर सीकरी में बारिश हुई। इसके बाद हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह परिसर के बाहर सफेद रंग की कुछ मछलियां पड़ी मिलीं।
कुछ लोगों ने यह हल्ला मचा दिया कि मछलियां बारिश के साथ आसमान से गिरी हैं, लेकिन कोई यह दावा करने वाला नहीं था कि उसने मछलियों को गिरते देखा है। एक ने दूसरे से कहा, दूसरे ने तीसरे से, इसी तरह हल्ला मचता चला गया।
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दरअसल, गुरुवार दोपहर को फतेहपुर सीकरी में बारिश हुई। इसके बाद हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह परिसर के बाहर सफेद रंग की कुछ मछलियां पड़ी मिलीं।
कुछ लोगों ने यह हल्ला मचा दिया कि मछलियां बारिश के साथ आसमान से गिरी हैं, लेकिन कोई यह दावा करने वाला नहीं था कि उसने मछलियों को गिरते देखा है। एक ने दूसरे से कहा, दूसरे ने तीसरे से, इसी तरह हल्ला मचता चला गया।
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दोपहर को तीन बजे तेज बारिश हुई थी। बारिश थम जाने के बाद हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह परिसर के बादशाही गेट से बाहर 4 से 6 इंच की आठ-दस सफेद मछलियां पड़ी मिलीं। इन्हें बच्चे उठाकर ले जाने लगे।
यह देख वहां से गुजर रहे लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि मछलियां आसमान से गिरी हैं। एएसआई के संरक्षक सहायक कलंदर बिंद ने बताया कि बारिश के बाद बादशाही दरवाजे के निकट कुछ मछलियां उन्होंने भी पड़ी देखी थी। यह नहीं कह सकता कि ये बारिश में ही गिरी थीं।
आरबीएस कॉलेज के मौसम विज्ञानी डॉ. पवन सिसौदिया का कहना है कि समुद्र में ज्वार-भाटे के दौरान किनारे पर इस तरह की घटनाएं होती हैं। इसमें लहरों केसाथ मछलियां उठकर ऊपर जाती हैं और फिर गिरती हैं लेकिन यह बहुत दुर्लभ है। समुद्र किनारे के अलावा कहीं और ऐसी घटना होना संभव नहीं है।
यह देख वहां से गुजर रहे लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि मछलियां आसमान से गिरी हैं। एएसआई के संरक्षक सहायक कलंदर बिंद ने बताया कि बारिश के बाद बादशाही दरवाजे के निकट कुछ मछलियां उन्होंने भी पड़ी देखी थी। यह नहीं कह सकता कि ये बारिश में ही गिरी थीं।
आरबीएस कॉलेज के मौसम विज्ञानी डॉ. पवन सिसौदिया का कहना है कि समुद्र में ज्वार-भाटे के दौरान किनारे पर इस तरह की घटनाएं होती हैं। इसमें लहरों केसाथ मछलियां उठकर ऊपर जाती हैं और फिर गिरती हैं लेकिन यह बहुत दुर्लभ है। समुद्र किनारे के अलावा कहीं और ऐसी घटना होना संभव नहीं है।