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कोरोना का खौफ : तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए लोग करा रहे एंटीबॉडी टेस्ट
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जिला अस्पताल में कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए कतार में लगी महिलाएं
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। कोरोना की दूसरी लहर का खौफ लोगों के मन में अभी बना हुआ है। देश के अलग-अलग हिस्सों से कोरोना के बढ़ते मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में लोग तीसरी लहर को तैयार हैं या फिर नहीं। इसके लिए एंटीबॉडी टेस्ट करा रहे हैं। प्राइवेट पैथोलॉजी पर जांच कराने वालों की संख्या में इजाफा हो गया है। चिकित्सकों के मुुताबिक, वैक्सीन लगवाने के बाद हाई स्कोर एंटीबॉडी मिल रही है।
कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चों को प्रभावित करने की आशंका है। माना जा रहा है कि बड़ों से घरों में पहुंचेगा और बच्चों चपेट में लेगा। हालांकि स्पष्ट स्थिति तो लहर आने पर ही लग सकेगी। सरकार ने स्पेशल तौर पर अभिभावक बूथ बनवाएं हैं। लोग असमंजस में हैं कि तीसरी लहर में उनकी बॉडी कोरोना संक्रमण से कैसे लड़ेगी।
इसके लिए एंटीबॉडी की जांच करा रहे हैं। वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या भी पीछे नहीं है। प्राइवेट पैथोलॉजी में एंटीबॉडी की जांच कराने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ी है। पैथोलॉजी संचालकों का कहना है कि एंटी बॉडी की जांच कराने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिनकों कोरोना पहले हो चुका है। वैक्सीन लगवा चुके हैं। उनके एंटीबॉडी मिल रही है। हालांकि पैथोलॉजी संचालकों ने संयुक्त रिपोर्ट नहीं बनाई है।
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अक्सर बाहर रहने वाले लोग करा रहे जांच
जांच कराने वालों की संख्या में सामने आया है कि वह लोग एंटीबॉडी जांचने में जोर दे रहे हैं। जो अक्सर कामकाज के कारण बाहर रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोग भी इस कार्य में करा रहे हैं।
नियम से वैक्सीन लगवाई, उनमें हाई एंटीबॉडी
मेडिकल कॉलेज में डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि रिपोर्ट देखने में आया है कि जिन लोगों ने नियम से कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवाई है। उनमें हाई एंटीबॉडी पाई जा रही है। उनमें एंटीबॉडी का स्कोर तीन सौ से पांच सौ तक मिल रहा है जो लोग कोरोना का शिकार हुए हैं, वह अब स्वस्थ हैं। उनमें एंटीबॉडी 80 से 100 के स्कोर तक है।
हमने सीरो सर्वे कराया था। उसकी रिपोर्ट शासन पर ही है। स्थानीय स्तर पर भी हम एंटीबॉडी जांच के लिए योजना बना रहे हैं। -डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ, सीएमओ
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कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चों को प्रभावित करने की आशंका है। माना जा रहा है कि बड़ों से घरों में पहुंचेगा और बच्चों चपेट में लेगा। हालांकि स्पष्ट स्थिति तो लहर आने पर ही लग सकेगी। सरकार ने स्पेशल तौर पर अभिभावक बूथ बनवाएं हैं। लोग असमंजस में हैं कि तीसरी लहर में उनकी बॉडी कोरोना संक्रमण से कैसे लड़ेगी।
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इसके लिए एंटीबॉडी की जांच करा रहे हैं। वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या भी पीछे नहीं है। प्राइवेट पैथोलॉजी में एंटीबॉडी की जांच कराने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ी है। पैथोलॉजी संचालकों का कहना है कि एंटी बॉडी की जांच कराने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिनकों कोरोना पहले हो चुका है। वैक्सीन लगवा चुके हैं। उनके एंटीबॉडी मिल रही है। हालांकि पैथोलॉजी संचालकों ने संयुक्त रिपोर्ट नहीं बनाई है।
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अक्सर बाहर रहने वाले लोग करा रहे जांच
जांच कराने वालों की संख्या में सामने आया है कि वह लोग एंटीबॉडी जांचने में जोर दे रहे हैं। जो अक्सर कामकाज के कारण बाहर रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोग भी इस कार्य में करा रहे हैं।
नियम से वैक्सीन लगवाई, उनमें हाई एंटीबॉडी
मेडिकल कॉलेज में डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि रिपोर्ट देखने में आया है कि जिन लोगों ने नियम से कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवाई है। उनमें हाई एंटीबॉडी पाई जा रही है। उनमें एंटीबॉडी का स्कोर तीन सौ से पांच सौ तक मिल रहा है जो लोग कोरोना का शिकार हुए हैं, वह अब स्वस्थ हैं। उनमें एंटीबॉडी 80 से 100 के स्कोर तक है।
हमने सीरो सर्वे कराया था। उसकी रिपोर्ट शासन पर ही है। स्थानीय स्तर पर भी हम एंटीबॉडी जांच के लिए योजना बना रहे हैं। -डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ, सीएमओ