{"_id":"58e68d094f1c1b68625b418f","slug":"fire-in-kheetham","type":"story","status":"publish","title_hn":"धधका कीठम का जंगल, जीव जंतु जले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धधका कीठम का जंगल, जीव जंतु जले
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Fri, 07 Apr 2017 12:16 AM IST
विज्ञापन
हाईवे की ओर बिजली के तारों से निकली चिंगारी से दोपहर में लगी झाड़ियों में आग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बर्ड सेंक्चुरी सूर सरोवर पक्षी विहार, कीठम का जंगल गुरुवार दोपहर को फिर से धधक उठा। बिजली के तारों से निकली चिंगारी ने चंद पलों में ही कीठम के जंगल का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में ले लिया। घंटों तक बनी रही लपटों में कई प्रजातियों के जीव-जंतु जल गए। दमकल की गाड़ियों को घने जंगल और रास्ता न होने से आग बुझाने में अधिक समय लग गया।
नेशनल हाईवे-2 की ओर करीब एक एकड़ क्षेत्र में देखते ही देखते आग फैल गई। दमकल की गाड़ियां एक घंटे बाद पहुंचीं। एक बजे के करीब लगी आग शाम तक बनी रही। आनंद कालेज के पास कीठम झील की ओर बिजली के तारों से यह आग लगी, हालांकि इस ओर बड़े जानवर नहीं थे। लेकिन अजगर, सांप, सेही, हिरन के जलने की आशंका है। घना जंगल और आग भड़कने के कारण अभी वनकर्मी अंदर नहीं पहुंच पाए, जिससे आग से नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है, लेकिन इससे जीव जंतुओं को ज्यादा नुकसान पहुंचा है।
बता दें कि पिछले साल भी मई के महीने में कीठम का जंगल जला था। तब सैकड़ों अजगर समेत जीव जंतु मरे थे।
शिफ्ट नहीं हो पाई बिजली की लाइन
बीते साल भी कीठम के जंगल में अग्निकांड के बाद तय किया गया था कि जंगल से गुजरने वाली बिजली की लाइन को शिफ्ट कर दूसरी ओर से ले जाया जाएगा। जंगल में हादसा होने पर मेंटेनेंस केसाथ आग में भी दिक्कतें आती हैं। यह तार अब तक शिफ्ट नहीं हो पाए। तेज हवा चलने पर जर्जर तारों से निकली चिंगारी हर बार कीठम के जंगल को नुकसान पहुंचाती रही है।
विज्ञापन
24 घंटे से धधक रहा चंबल का बीहड़
बाह। जैतपुर के मऊ गांव में चंबल का बीहड़ 24 घंटे बाद भी धधक रहा है। बुधवार शाम से यहां आग लगी जो गुरुवार रात तक नहीं बुझ सकी। वन विभाग के साथ आम लोग भी आग बुझाने में जुटे हुए हैं। वहीं, पिनाहट के बरेंडा में भी चंबल के बीहड़ में गुरुवार शाम को आग लग गई। दो किमी क्षेत्र में फैली आग को बुझाने में दमकल कर्मियों को रास्ता दुर्गम होने से मुश्किलें आ रही हैं। इस बीहड़ में नीलगाय, लकड़बग्घा, सियार, लोमड़ी आदि जीव पाए जाते हैं। लोगों के मुताबिक आग गांव तक पहुंचने की आशंका से रात भर वह जागते रहे। रेंजर बाह आरके चतुर्वेदी ने बताया कि ग्रामीणों की मदद से वन विभाग की टीम आग बुझाने में जुटी है। बीहड़ क्षेत्र दुर्गम होने के कारण दिक्कतें आ रही हैं।
विज्ञापन
नेशनल हाईवे-2 की ओर करीब एक एकड़ क्षेत्र में देखते ही देखते आग फैल गई। दमकल की गाड़ियां एक घंटे बाद पहुंचीं। एक बजे के करीब लगी आग शाम तक बनी रही। आनंद कालेज के पास कीठम झील की ओर बिजली के तारों से यह आग लगी, हालांकि इस ओर बड़े जानवर नहीं थे। लेकिन अजगर, सांप, सेही, हिरन के जलने की आशंका है। घना जंगल और आग भड़कने के कारण अभी वनकर्मी अंदर नहीं पहुंच पाए, जिससे आग से नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है, लेकिन इससे जीव जंतुओं को ज्यादा नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन
बता दें कि पिछले साल भी मई के महीने में कीठम का जंगल जला था। तब सैकड़ों अजगर समेत जीव जंतु मरे थे।
शिफ्ट नहीं हो पाई बिजली की लाइन
बीते साल भी कीठम के जंगल में अग्निकांड के बाद तय किया गया था कि जंगल से गुजरने वाली बिजली की लाइन को शिफ्ट कर दूसरी ओर से ले जाया जाएगा। जंगल में हादसा होने पर मेंटेनेंस केसाथ आग में भी दिक्कतें आती हैं। यह तार अब तक शिफ्ट नहीं हो पाए। तेज हवा चलने पर जर्जर तारों से निकली चिंगारी हर बार कीठम के जंगल को नुकसान पहुंचाती रही है।
विज्ञापन
24 घंटे से धधक रहा चंबल का बीहड़
बाह। जैतपुर के मऊ गांव में चंबल का बीहड़ 24 घंटे बाद भी धधक रहा है। बुधवार शाम से यहां आग लगी जो गुरुवार रात तक नहीं बुझ सकी। वन विभाग के साथ आम लोग भी आग बुझाने में जुटे हुए हैं। वहीं, पिनाहट के बरेंडा में भी चंबल के बीहड़ में गुरुवार शाम को आग लग गई। दो किमी क्षेत्र में फैली आग को बुझाने में दमकल कर्मियों को रास्ता दुर्गम होने से मुश्किलें आ रही हैं। इस बीहड़ में नीलगाय, लकड़बग्घा, सियार, लोमड़ी आदि जीव पाए जाते हैं। लोगों के मुताबिक आग गांव तक पहुंचने की आशंका से रात भर वह जागते रहे। रेंजर बाह आरके चतुर्वेदी ने बताया कि ग्रामीणों की मदद से वन विभाग की टीम आग बुझाने में जुटी है। बीहड़ क्षेत्र दुर्गम होने के कारण दिक्कतें आ रही हैं।