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Agra News: षड्यंत्र कर लिखाई प्राथमिकी, निष्पक्ष जांच की मांग
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आगरा। केंद्रीय हिंदी संस्थान के प्रोफेसर डॉ. उमापति दीक्षित ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को साजिश बताते हुए पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है।
डॉ. उमापति दीक्षित ने अपने ज्ञापन में लिखा है कि वह 12 जुलाई 2017 से केंद्रीय हिंदी संस्थान में प्रोफेसर हैं। उनके खिलाफ थाना न्यू आगरा में संस्थान के निदेशक सुनील बाबूराव कुलकर्णी ने षड्यंत्र के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि कुलसचिव डॉ. अंकुश आंधकर ने स्वयं यह कार्रवाई नहीं की, बल्कि निदेशक के कहने पर शिकायत लिखवाई गई है। जिस अनापत्ति प्रमाण पत्र का प्राथमिकी में हवाला दिया गया है, उसकी मूल प्रति अब तक किसी ने नहीं देखी।
डॉ. दीक्षित ने कहा है कि निदेशक सुनील बाबूराव कुलकर्णी के खिलाफ फर्जी विकलांग प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी पाने की शिकायत शिक्षा मंत्रालय में की थी। साथ ही जून 2025 में जिला न्यायालय आगरा और नवंबर 2025 में उच्च न्यायालय में भी याचिका दायर की है। इन शिकायतों के कारण दबाव बनाने और समझौते के लिए उनके खिलाफ गलत आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस आयुक्त से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
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डॉ. उमापति दीक्षित ने अपने ज्ञापन में लिखा है कि वह 12 जुलाई 2017 से केंद्रीय हिंदी संस्थान में प्रोफेसर हैं। उनके खिलाफ थाना न्यू आगरा में संस्थान के निदेशक सुनील बाबूराव कुलकर्णी ने षड्यंत्र के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि कुलसचिव डॉ. अंकुश आंधकर ने स्वयं यह कार्रवाई नहीं की, बल्कि निदेशक के कहने पर शिकायत लिखवाई गई है। जिस अनापत्ति प्रमाण पत्र का प्राथमिकी में हवाला दिया गया है, उसकी मूल प्रति अब तक किसी ने नहीं देखी।
डॉ. दीक्षित ने कहा है कि निदेशक सुनील बाबूराव कुलकर्णी के खिलाफ फर्जी विकलांग प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी पाने की शिकायत शिक्षा मंत्रालय में की थी। साथ ही जून 2025 में जिला न्यायालय आगरा और नवंबर 2025 में उच्च न्यायालय में भी याचिका दायर की है। इन शिकायतों के कारण दबाव बनाने और समझौते के लिए उनके खिलाफ गलत आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस आयुक्त से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
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