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मटर और चटनी में रंग मिलाने पर तीन पर मुकदमा
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मैनपुरी। विगत वर्ष जिले में अलग-अलग स्थानों से लिए गए पांच खाद्य पदार्थ फेल हो गए। मामले में शासन की अनुमति पर तीन विक्रेताओं के विरुद्ध मुकदमा दायर किया है।
विगत वर्ष जुलाई में शहर के दक्षिणी छपट्टी निवासी गोपाल जैन और करहल के मोहल्ला मनिहारन निवासी गौरव जैन की दुकान पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने छापा मारा था। इस दौरान दोनों की दुकान से खट्टी और मीठी चटनी (सॉस) के कुल चार नमूने लिए थे। वहीं रियाजुद्दीन निवासी दरीबा की दुकान से मटर का नमूना भी लिया था। जांच रिपोर्ट में पांच नमूने फेल हो गए।
चटनी के चारों नमूनों में रंग मिलाने के साथ ही सूखी मटर को हरी बनाने के लिए उसमें भी रंग मिलाया गया था। मामले में कार्रवाई के लिए आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी। अनुमति मिलने के बाद सोमवार को तीनों मिलावट करने वालों के विरुद्ध एसीजेएम न्यायलय में मुकदमा दायर किया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीके वर्मा ने बताया कि हानिकारक पाए जाने वाले नमूनों में अजीवन कारावास तक का प्रावधान है।
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बिना पंजीकरण चिकिन बिक्री पर चार का काटा चालान
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने बिना पंजीकरण के चिकिन की बिक्री करने पर चार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीके वर्मा ने बताया कुरावली में बिना पंजीकरण के चिकिन बिक्री करने की शिकायत मिली थी।
इस पर मौके पर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में कुरावली के वैदनटोला निवासी अजीत कुमार, बंटी सिंह, ऋषि कुमार और चंकी सिंह बिना पंजीकरण के बिक्री करते मिले। उनके द्वारा साफ-सफाई का भी ध्यान नहीं रखा गया था। चारों के विरुद्ध बिना पंजीकरण के संचालन करने पर चालान काटा गया है। इसमें दो लाख रुपये तक का जुर्माने का भी प्रावधान है।
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हरी व लाल चटनी के साथ ही मटर के एक नमूने में रंग की मिलावट पाई गई थी। शासन से अनुमति के बाद विक्रेताओं के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया गया है।
डॉ. टीआर रावत, अभिहित अधिकारी।
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विगत वर्ष जुलाई में शहर के दक्षिणी छपट्टी निवासी गोपाल जैन और करहल के मोहल्ला मनिहारन निवासी गौरव जैन की दुकान पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने छापा मारा था। इस दौरान दोनों की दुकान से खट्टी और मीठी चटनी (सॉस) के कुल चार नमूने लिए थे। वहीं रियाजुद्दीन निवासी दरीबा की दुकान से मटर का नमूना भी लिया था। जांच रिपोर्ट में पांच नमूने फेल हो गए।
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चटनी के चारों नमूनों में रंग मिलाने के साथ ही सूखी मटर को हरी बनाने के लिए उसमें भी रंग मिलाया गया था। मामले में कार्रवाई के लिए आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी। अनुमति मिलने के बाद सोमवार को तीनों मिलावट करने वालों के विरुद्ध एसीजेएम न्यायलय में मुकदमा दायर किया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीके वर्मा ने बताया कि हानिकारक पाए जाने वाले नमूनों में अजीवन कारावास तक का प्रावधान है।
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बिना पंजीकरण चिकिन बिक्री पर चार का काटा चालान
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने बिना पंजीकरण के चिकिन की बिक्री करने पर चार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीके वर्मा ने बताया कुरावली में बिना पंजीकरण के चिकिन बिक्री करने की शिकायत मिली थी।
इस पर मौके पर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में कुरावली के वैदनटोला निवासी अजीत कुमार, बंटी सिंह, ऋषि कुमार और चंकी सिंह बिना पंजीकरण के बिक्री करते मिले। उनके द्वारा साफ-सफाई का भी ध्यान नहीं रखा गया था। चारों के विरुद्ध बिना पंजीकरण के संचालन करने पर चालान काटा गया है। इसमें दो लाख रुपये तक का जुर्माने का भी प्रावधान है।
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हरी व लाल चटनी के साथ ही मटर के एक नमूने में रंग की मिलावट पाई गई थी। शासन से अनुमति के बाद विक्रेताओं के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया गया है।
डॉ. टीआर रावत, अभिहित अधिकारी।