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मैनपुरी में लिपिक पद पर सफाईकर्मी की नियुक्ति: फर्जीवाड़े में नगर पंचायत के ईओ सहित तीन के विरुद्ध रिपोर्ट

Sat, 15 Jan 2022 06:44 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 15 Jan 2022 06:44 PM IST
सार

मैनपुरी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। किशनी नगर पंचायत में तैनात सफाईकर्मी की नियुक्ति फर्जीवाड़ा कर लिपिक पद पर कर दी गई। कोर्ट के आदेश पर इस मामले में अब रिपोर्ट दर्ज की गई है। 

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FIR filed against three including EO of Nagar Panchayat Kishani for forgery in mainpuri
किशनी थाना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैनपुरी की नगर पंचायत किशनी में तैनात सफाईकर्मी की नियुक्ति लिपिक पद पर करने का मामला सामने आया है। मामले में ईओ व दो लिपिकों के खिलाफ किशनी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। न्यायालय के आदेश पर किशनी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, फर्जी अभिलेखों को असली के रूप में प्रयोग करना, फर्जी अभियान तैयार करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। 

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किशनी थाना क्षेत्र के मोहल्ला कृष्णा नगर निवासी सिपाहीराम ने शनिवार को न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। तहरीर में कहा है कि कार्यालय नगर पंचायत किशनी में नियुक्ति के संबंध में 30 नवंबर 2018 में एक अतिरिक्त प्रस्ताव अंकित कर फर्जीवाड़ा करके सफाई कर्मचारी दिनेश कुमार को लिपिक पद पर नियुक्ति कर दी गई थी। 
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सभासदों को किया गया था गुमराह 
इस प्रस्ताव को कार्रवाई रजिस्टर में जगह रिक्त होने के कारण उसमें बढ़ाया गया। सभी सभासदों को गुमराह कर गलत एवं अवैध प्रस्ताव पारित किया गया। उक्त प्रकरण में अधिशासी अधिकारी दुर्गेश कुमार वर्तमान तैनाती नगर पंचायत बेवर, लिपिक दिनेश कुमार और सलिल दुबे इन लोगों ने चेयरमैन को गुमराह कर उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर एक प्रार्थना पत्र तैयार कराया। 

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इस तरह से इन लोगों ने गलत प्रस्ताव को जायज ठहराने की कोशिश की। कई शिकायतों के बाद भी उक्त मामले में जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उनके द्वारा न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। 

हर जगह की शिकायत, नहीं हुई सुनवाई
सिपाहीराम का कहना है कि उन्होंने मामले की जानकारी होने पर 19 नवंबर 2020 को निदेशक स्थानीय निकाय लखनऊ से शिकायत की। इसके बाद 24 नवंबर 2020 को जिलाधिकारी से शिकायत की। इसके बाद भी वरिष्ठ अधिकारियों और संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायतें की, लेकिन अफसरों ने कार्रवाई नहीं की। मजबूरन उसे न्यायालय में शरण लेनी पड़ी। 

ईओ बोले, शासनादेश के तहत हुई नियुक्ति 
ईओ दुर्गेश कुमार का कहना है कि शिकायतकर्ता ने नगर पंचायत किशनी की जमीन पर कब्जा किया हुआ है। उनका मकान भी कब्जे की जमीन पर बना है। इस मामले में नगर पंचायत कोर्ट में मुकदमा लड़ रही है। उसी मुकदमे में फर्जी दबाव बनाने के लिए झूठे आरोप लगाए गए हैं। संबंधित सफाईकर्मी को शासनादेश के तहत बोर्ड प्रस्ताव के आधार पर पदोन्नति देकर लिपिक पद पर नियुक्ति दी गई है। 

सीओ भोगांव चंद्रकेश सिंह ने कहा कि मामला न्यायालय के आदेश पर दर्ज किया गया है। थाना पुलिस गंभीरतापूर्वक विवेचना करेगी। विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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