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कार्रवाईः धूल-मिट्टी उड़ाने पर एनएचएआई पर 6.84 करोड़ जुर्माना
Sat, 02 Nov 2019 12:07 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 02 Nov 2019 12:07 AM IST
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नेशनल हाईवे जहां सड़क किनारे मिट्टी पड़ी है
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे निर्माण में धूल मिट्टी उड़ाने पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया पर टीटीजेड अथॉरिटी ने बड़ी कार्रवाई की है। अथॉरिटी ने एनएचएआई पर केवल आगरा क्षेत्र में निर्माण में लापरवाही और धूल उड़ने से न रोक पाने पर 6.84 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया है।
इसे 15 दिन के अंदर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लखनऊ स्थित यूनियन बैंक खाते में जमा कराना होगा। ताज ट्रिपेजियम जोन अथॉरिटी ने बोर्ड की 47वीं बैठक में एनएचएआई पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए असेसमेंट के निर्देश दिए थे।
एनएचएआई को तब हाईवे पर पड़े मिट्टी के ढेर भी हटाने को कहा गया था, लेकिन हाईवे के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मो. शफी ने टीटीजेड चेयरमैन की चेतावनी को दरकिनार करते हुए हाईवे से मिट्टी हटाई ही नहीं।
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इसे 15 दिन के अंदर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लखनऊ स्थित यूनियन बैंक खाते में जमा कराना होगा। ताज ट्रिपेजियम जोन अथॉरिटी ने बोर्ड की 47वीं बैठक में एनएचएआई पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए असेसमेंट के निर्देश दिए थे।
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एनएचएआई को तब हाईवे पर पड़े मिट्टी के ढेर भी हटाने को कहा गया था, लेकिन हाईवे के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मो. शफी ने टीटीजेड चेयरमैन की चेतावनी को दरकिनार करते हुए हाईवे से मिट्टी हटाई ही नहीं।
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हाईवे निर्माण में धूल न उड़े, इसका कोई प्रबंध नहीं किया गया। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य पर्यावरण अधिकारी आरके सिंह ने एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर को पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए 6,84,37,500 रुपये जमा कराने को कहा है। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ वायु प्रदूषण के आरोप में मुकदमा दायर किया जाएगा।
1825 दिनों के लिए लगाया गया जुर्माना
ताज ट्रिपेजियम जोन अथॉरिटी ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी पर पांच सालों यानी 1825 दिनों में आगरा को पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए यह जुर्माना लगाया है। हर दिन 37,500 रुपये की जुर्माना राशि एनएचएआई पर लगाई गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इसी साल पांच फरवरी को पर्यावरण क्षतिपूर्ति पर गाइड लाइन जारी की थी, जिसके लिए अथॉरिटी के अधिकारियों को कई बार चेताया भी गया, लेकिन प्रोजेक्ट डायरेक्टर मो. शफी हर बार टीटीजेड के निर्देशों पर गंभीर नहीं रहे।
1825 दिनों के लिए लगाया गया जुर्माना
ताज ट्रिपेजियम जोन अथॉरिटी ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी पर पांच सालों यानी 1825 दिनों में आगरा को पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए यह जुर्माना लगाया है। हर दिन 37,500 रुपये की जुर्माना राशि एनएचएआई पर लगाई गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इसी साल पांच फरवरी को पर्यावरण क्षतिपूर्ति पर गाइड लाइन जारी की थी, जिसके लिए अथॉरिटी के अधिकारियों को कई बार चेताया भी गया, लेकिन प्रोजेक्ट डायरेक्टर मो. शफी हर बार टीटीजेड के निर्देशों पर गंभीर नहीं रहे।
टीटीजेड चेयरमैन को सौंप दी थी फर्जी रिपोर्ट
नेशनल हाईवे के सिक्सलेन कार्य केदौरान एनएचएआई ने मनमानी की। सड़कों को महीनों तक खोदकर छोड़ दिया और मिट्टी किनारे ही लगा दी। वाहनों से धूल उड़ती रही। टीटीजेड की बैठक में जब यह मामला उठा तो चेयरमैन कमिश्नर ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की टीम बना कर रिपोर्ट मांगी।
उनकी रिपोर्ट में धूल मिट्टी उड़ती पाई गई, पर एनएचएआई के अफसरों ने केवल एक दिन के लिए पानी का छिड़काव कराकर फर्जी रिपोर्ट सौंपकर सभी मानकों के पालन करने का दावा किया।
उनकी इस फर्जी रिपोर्ट की पोल एनजीटी द्वारा गठित मानीटरिंग कमेटी चेयरमैन के दौरे में खुल गई, जब उन्होंने कुबेरपुर लैंडफिल साइट जाते हुए अंडरपास और पूरे रास्ते में मिट्टी के ढेर देखे।
नेशनल हाईवे के सिक्सलेन कार्य केदौरान एनएचएआई ने मनमानी की। सड़कों को महीनों तक खोदकर छोड़ दिया और मिट्टी किनारे ही लगा दी। वाहनों से धूल उड़ती रही। टीटीजेड की बैठक में जब यह मामला उठा तो चेयरमैन कमिश्नर ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की टीम बना कर रिपोर्ट मांगी।
उनकी रिपोर्ट में धूल मिट्टी उड़ती पाई गई, पर एनएचएआई के अफसरों ने केवल एक दिन के लिए पानी का छिड़काव कराकर फर्जी रिपोर्ट सौंपकर सभी मानकों के पालन करने का दावा किया।
उनकी इस फर्जी रिपोर्ट की पोल एनजीटी द्वारा गठित मानीटरिंग कमेटी चेयरमैन के दौरे में खुल गई, जब उन्होंने कुबेरपुर लैंडफिल साइट जाते हुए अंडरपास और पूरे रास्ते में मिट्टी के ढेर देखे।