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Agra News: हरियाली में खोजा सुकून, घरों में बना दिया सुंदर बगीचा, घर-गृहस्थी और कामकाज के साथ महिलाएं बन रहीं पर्यावरण प्रहरी
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फोटो 26 घर के आंगन में लगाए पौधों को पानी देतीं प्राचार्य प्रो़ डॉ़ शेफाली यादव। संवाद
मैनपुरी। गर्मी और प्रदूषण के बीच महिलाएं घर-गृहस्थी और कामकाज के साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। शहर की महिलाओं ने अपने घर के आंगन को बगीचों में बदल दिया है। विशेष देखरेख के चलते बगीचों में तुलसी, एलोवेरा, मनी प्लांट से लेकर आम, चीकू, टमाटर, मिर्च, धनिया सहित कई औषधीय पौधे भी उग रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि पौधों की देखभाल से उन्हें मानसिक सुकून मिलता है।
शहर के कचहरी सड़क स्थित कुंवर आरसी महिला महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. डॉ. शेफाली यादव ने घर के आंगन को एक सुंदर और हरा-भरा बगीचा बना दिया है। कई साल पहले लगाए गए पौधे अब पेड़ बनकर हरियाली के साथ हवा को शुद्ध बना रहे हैं। इन पेड़ की छांव में सुकून का एहसास होता है। वहीं, छोटे-छोटे पौधे और उन पर उगने वाले फूल रंग-बिरंगी छटा के साथ खुशबू बिखेर रहे हैं। डॉ. शैफाली बताती हैं कि कॉलेज जाने से पहले सुबह 6 बजे उठकर पौधों को पानी देती हूं। गेंदा, गुलाब, मोगरा की खुशबू से पूरा दिन अच्छा जाता है। उनके आंगन में आम, अमरूद, अनार, पपीता, चीकू के साथ मनी प्लांट, एलोवेरा, गुलाब, गेंदा, अपराजिता सहित करीब 100 से 120 पौधे लगे हुए हैं।
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औषधीय पौधों से सजा दिया घर का आंगन
शहर के नगला रते निवासी गृहिणी शिवानी जैन ने घर के आंगन में तमाम प्रकार के औषधीय पौधे रोपित किए हैं। उन्होंने अपने गार्डन में इंसुलिन, संभालू, तुलसी, एलोवेरा, बेलपत्र और अपराजिता जैसे कई औषधीय पौधे उगाए हैं। वह और उनके पति आयुष जैन पौधों की कटिंग और बीज को दूसरे लोगों को वितरित करते हैं ताकि लोग पर्यावरण संरक्षण कर सकें। शिवानी बताती हैं कि आंगन में हरियाली बढ़ने से गर्मी का एहसास कम होता है। सुबह-शाम आंगन में पक्षियों की चहचहाहट वास्तव में मन को सुकून देने के साथ तनाव को कम करती है।
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शहर के कचहरी सड़क स्थित कुंवर आरसी महिला महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. डॉ. शेफाली यादव ने घर के आंगन को एक सुंदर और हरा-भरा बगीचा बना दिया है। कई साल पहले लगाए गए पौधे अब पेड़ बनकर हरियाली के साथ हवा को शुद्ध बना रहे हैं। इन पेड़ की छांव में सुकून का एहसास होता है। वहीं, छोटे-छोटे पौधे और उन पर उगने वाले फूल रंग-बिरंगी छटा के साथ खुशबू बिखेर रहे हैं। डॉ. शैफाली बताती हैं कि कॉलेज जाने से पहले सुबह 6 बजे उठकर पौधों को पानी देती हूं। गेंदा, गुलाब, मोगरा की खुशबू से पूरा दिन अच्छा जाता है। उनके आंगन में आम, अमरूद, अनार, पपीता, चीकू के साथ मनी प्लांट, एलोवेरा, गुलाब, गेंदा, अपराजिता सहित करीब 100 से 120 पौधे लगे हुए हैं।
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औषधीय पौधों से सजा दिया घर का आंगन
शहर के नगला रते निवासी गृहिणी शिवानी जैन ने घर के आंगन में तमाम प्रकार के औषधीय पौधे रोपित किए हैं। उन्होंने अपने गार्डन में इंसुलिन, संभालू, तुलसी, एलोवेरा, बेलपत्र और अपराजिता जैसे कई औषधीय पौधे उगाए हैं। वह और उनके पति आयुष जैन पौधों की कटिंग और बीज को दूसरे लोगों को वितरित करते हैं ताकि लोग पर्यावरण संरक्षण कर सकें। शिवानी बताती हैं कि आंगन में हरियाली बढ़ने से गर्मी का एहसास कम होता है। सुबह-शाम आंगन में पक्षियों की चहचहाहट वास्तव में मन को सुकून देने के साथ तनाव को कम करती है।

फोटो 26 घर के आंगन में लगाए पौधों को पानी देतीं प्राचार्य प्रो़ डॉ़ शेफाली यादव। संवाद
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