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मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण बुखार-खांसी के मरीज बढ़े, ऐसे रखें अपनी सेहत का ख्याल

Tue, 01 Dec 2020 03:44 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 01 Dec 2020 03:44 PM IST
सार

  • एसएन मेडिकल कॉलेज में रोज आ रहे बुखार और खांसी के 180 मरीज
  • एसएन और जिला अस्पताल की ओपीडी में छह दिन में वायरल फीवर के 2850 मरीज आए

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Fever cough patients increased due to weather fluctuations in agra
एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मौसम में चल रहे उतार-चढ़ाव के कारण तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सीने में जकड़न और खांसी से लोगों का बुरा हाल हो रहा है। इन छह दिनों में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में 2850 मरीजों ने यही परेशानी बताई। लगभग हर रोज 150 से 180 नए मरीज आ रहे हैं।

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मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. टीपी सिंह ने बताया कि मरीज नाक बंद होने, नाक बहने, छाती में जकड़न, बुखार, मांसपेशियों व आंख-सिर में दर्द की परेशानी बता रहे हैं। जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. बीएस यादव ने बताया कि अन्य परेशानी के मरीज कम हुए हैं, लेकिन वायरल फीवर के मरीज बढ़े हैं। 
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वायरल के मरीजों में कमजोरी होने, नींद न आने और शरीर में दर्द होने की परेशानी है। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण भी बुखार हो रहा है।  ट्राएज ओपीडी प्रभारी डॉ. अंजना पांडे ने बताया कि बुखार-खांसी के मरीजों की स्क्रीनिंग कराने के बाद 20 से 30 की कोरोना जांच भी करा रहे हैं, लेकिन अधिकांश में वायरल फीवर ही मिल रहा है।

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गुनगुना पानी पीएं-भाप लेना नियमित कर लें: डॉ. अजीत

बुखार-खांसी और निमोनिया से बचने के लिए रोजाना गुनगुना पानी पीने और भाप जरूर लें। ऐसे मरीज घरों में क्वारंटीन रहें और परिजनों से भी बात करते वक्त मास्क पहनें। चिकित्सकों से दवाएं लें, तीन से पांच दिन में वायरल ठीक हो जाएगा।

इस साल बुखार-खांसी के मरीज अधिक: डॉ. यतेंद्र

ओपीडी प्रभारी डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि इस बार बुखार-खांसी के मरीजों का औसत बीते साल के मुकाबले अधिक है। एसएन में अभी सीमित मरीज देखे जा रहे हैं, लेकिन इनमें आधे मरीज बुखार-खांसी, जुकाम-सीने में जकड़न के ही हैं।

इन बातों का रखें ख्याल

- बच्चों को सुबह-शाम बाहर जाने से बचाएं।
- बुजुर्ग घर पर ही योग और वार्मअप कर सकते हैं।
- धूप निकलने पर ही टहने जाएं, कान ढककर रखें।
- हरी तरकारी खाएं, ड्राई फ्रूट्स भी ले सकते हैं।
- हर्बल चाय और सूप पीएं। रात को गुड़ के साथ दूध पीएं।
(जैसा एसएन के मेडिसिन विभाग के चिकित्सक आशीष गौतम ने बताया)
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