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Agra News: चकबंदी विभाग में 11 साल से गैरहाजिर महिला कर्मचारी बर्खास्त, नोटिसों का जवाब नहीं देने और विभागीय जांच में आरोप सही मिलने पर कार्रवाई
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आगरा। चकबंदी विभाग में बिना किसी सूचना के साल 2015 से लगातार गैरहाजिर चल रही एक महिला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (अनुसेवक) की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी ने विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने और कई नोटिसों का जवाब नहीं मिलने पर यह सख्त कार्रवाई की है।
बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी दिनेश कुमार ने बताया कि विभाग में तैनात अनुसेवक रीना महेशचंद्र यादव पिछले 11 साल से अपने कार्यस्थल से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित थीं। इस घोर लापरवाही पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई। जांच के दौरान कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा गया, जिसमें उन पर लगे आरोप सिद्ध पाए गए।
विभागीय प्रक्रिया के तहत रीना को सेवा से पृथक करने का अंतिम नोटिस भी भेजा गया, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया और न ही वह ड्यूटी पर लौटीं। विभाग ने समाचार पत्रों में नोटिस प्रकाशित कराकर अंतिम चेतावनी दी थी कि यदि वह उपस्थित नहीं होती हैं, तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा। इसके बावजूद उन्होंने कोई संज्ञान नहीं लिया।
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नियुक्ति प्राधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 और उ.प्र. सरकारी सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के प्रावधानों के तहत रीना महेशचंद्र यादव को राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके साथ ही उनके खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई भी समाप्त कर दी गई है।
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बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी दिनेश कुमार ने बताया कि विभाग में तैनात अनुसेवक रीना महेशचंद्र यादव पिछले 11 साल से अपने कार्यस्थल से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित थीं। इस घोर लापरवाही पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई। जांच के दौरान कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा गया, जिसमें उन पर लगे आरोप सिद्ध पाए गए।
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विभागीय प्रक्रिया के तहत रीना को सेवा से पृथक करने का अंतिम नोटिस भी भेजा गया, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया और न ही वह ड्यूटी पर लौटीं। विभाग ने समाचार पत्रों में नोटिस प्रकाशित कराकर अंतिम चेतावनी दी थी कि यदि वह उपस्थित नहीं होती हैं, तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा। इसके बावजूद उन्होंने कोई संज्ञान नहीं लिया।
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नियुक्ति प्राधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 और उ.प्र. सरकारी सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के प्रावधानों के तहत रीना महेशचंद्र यादव को राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके साथ ही उनके खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई भी समाप्त कर दी गई है।