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किसानों को असानी से नहीं मिल पा रही डीएपी
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घिरोर में खाद की दुकान पर लगी किसानों की भीड़
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। आलू की बुवाई के बाद अब गेहूं की बुवाई का काम तेज हो गया है। ऐसे में किसानों को डीएपी की जरूरत है। लेकिन किसानों को आसानी से डीएपी नहीं मिल पा रही है। इसके चलते किसान परेशान हो रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी ने से डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की है।
जिले में आलू की बुवाई के समय डीएपी की किल्लत से किसानों को परेशानी उठानी पड़ी। इससे किसानों को डीएपी के लिए घंटों दुकानों और सहकारी समितियों पर लाइन लगानी पड़ी। किसी तरह आलू की बुवाई का काम तो पूरा हो गया, लेकिन अब गेहूं की बुवाई के लिए भी किसानों को डीएपी नहीं मिल पा रही है। घिरोर क्षेत्र में दुकानदार किसानों को या तो डीएपी उपलब्ध न होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है या फिर अधिक कीमत वसूली जाती है।
सहकारी समितियों पर भी किसानों को डीएपी नहीं मिल पा रही है। इससे किसान परेशान हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से डीएपी के स्टॉक की जांच करने और किसानों को डीएपी वितरित कराने की मांग की है। मांग करने वालों में राजेंद्र कुमार, संजीव कुमार, रामनरेश, सुभाष यादव, कमलेश कुमार, मनीष कुमार, प्रमोद कुमार, जगदीश सिंह, पप्पू यादव, रामकिशन, प्रमोद कुमार, अहिवरन सिंह शामिल हैं।
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जिले में आलू की बुवाई के समय डीएपी की किल्लत से किसानों को परेशानी उठानी पड़ी। इससे किसानों को डीएपी के लिए घंटों दुकानों और सहकारी समितियों पर लाइन लगानी पड़ी। किसी तरह आलू की बुवाई का काम तो पूरा हो गया, लेकिन अब गेहूं की बुवाई के लिए भी किसानों को डीएपी नहीं मिल पा रही है। घिरोर क्षेत्र में दुकानदार किसानों को या तो डीएपी उपलब्ध न होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है या फिर अधिक कीमत वसूली जाती है।
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सहकारी समितियों पर भी किसानों को डीएपी नहीं मिल पा रही है। इससे किसान परेशान हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से डीएपी के स्टॉक की जांच करने और किसानों को डीएपी वितरित कराने की मांग की है। मांग करने वालों में राजेंद्र कुमार, संजीव कुमार, रामनरेश, सुभाष यादव, कमलेश कुमार, मनीष कुमार, प्रमोद कुमार, जगदीश सिंह, पप्पू यादव, रामकिशन, प्रमोद कुमार, अहिवरन सिंह शामिल हैं।
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