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Agra: कर्ज से परेशान किसान ने दे दी जान, बैंक का चार लाख रुपये बकाया था...जिम्मेदारियों ने दबा रखा था
Sun, 01 Sep 2024 08:48 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 01 Sep 2024 08:48 AM IST
सार
आगरा में एक अन्नदाता ने कर्ज से परेशान होकर जान दे दी। उस पर बैंक का करीब 4 लाख रुपये लोन बकाया था। जिम्मेदारियों में वो उलझा हुआ था। कर्ज कैसे उतारेगा यही बात उसे खाए जा रही थी।
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आत्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के बरहन क्षेत्र के गांव रूपधनु में किसान का शव घर में ही शनिवार की सुबह फंदे से लटका मिला। परिजन बैंक का करीब 4 लाख रुपये ऋण होने की वजह से परेशान होकर खुदकुशी करने की बात कह रहे हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
परिजन के मुताबिक हरिओम (38) शुक्रवार की रात करीब 11 बजे खाना खाकर कुछ देर तक बाहर टहलते रहे। इसके बाद घर आए और कमरे में सोने चले गए। सुबह देर तक कमरे से बाहर नहीं निकले। पत्नी मंजू जगाने गईं तो शव फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला।
भतीजे मनोज कुमार ने पुलिस को बताया कि हरिओम ने बैंक से चार वर्ष पूर्व केसीसी कराई थी। जमा नहीं करने पर ब्याज समेत करीब 4 लाख रुपये ऋण हो गया है। जमा करने का दबाव था। इससे वह परेशान थे। दो बच्चे सोमेश (17) और बेटी शिवानी (12) हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजन ने कोई तहरीर नहीं दी है। जांच की जा रही है।
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परिजन के मुताबिक हरिओम (38) शुक्रवार की रात करीब 11 बजे खाना खाकर कुछ देर तक बाहर टहलते रहे। इसके बाद घर आए और कमरे में सोने चले गए। सुबह देर तक कमरे से बाहर नहीं निकले। पत्नी मंजू जगाने गईं तो शव फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला।
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भतीजे मनोज कुमार ने पुलिस को बताया कि हरिओम ने बैंक से चार वर्ष पूर्व केसीसी कराई थी। जमा नहीं करने पर ब्याज समेत करीब 4 लाख रुपये ऋण हो गया है। जमा करने का दबाव था। इससे वह परेशान थे। दो बच्चे सोमेश (17) और बेटी शिवानी (12) हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजन ने कोई तहरीर नहीं दी है। जांच की जा रही है।
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