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डेढ़ लाख किसानों के डाटा में मिली गड़बड़ी
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मैनपुरी। ऋणमोचन के बाद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अब कृषि विभाग के लिए सिर दर्द बनती जा रही है। अब योजना के तहत फीड किया गया डाटा संशोधित करना विभाग के सामने चुनौती है। शासन ने डेढ़ लाख किसानों की सूची भेजी है। उनके डाटा में कोई न कोई त्रुटि है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए किसानों ने आवेदन किए थे। उन्होंने लेखपाल को अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक और खेत की फर्द के अभिलेख दिए थे। इसी के आधार पर कृषि विभाग ने उनका डाटा फीड किया था। लेकिन जब शासन ने इस डाटा का मिलान किया तो 1.55 लाख किसान ऐसे मिले, जिनका डाटा गलत था।
किसानों के पंजीकरण में फीड नाम और आधार कार्ड में नाम अलग-अलग जैसी कई गलतियां हैं। इसी के चलते अब इनकी पूरी सूची कृषि विभाग को भेज दी गई है। अब विभाग को इस डाटा में संशोधन कराना होगा। दिसंबर के पहले सप्ताह में योजना की किश्त भेजी जानी है। ऐसे में सभी संशोधन कराना विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
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42 हजार किसानों के खाते भी हैं गलत
डेढ़ लाख किसानों का जहां नाम आधार नंबर से मैच नहीं कर रहा है वहीं पंजीकरण में अन्य समस्याएं भी आ रही हैं। शासन से भेजी गई सूचना में 42 हजार ऐसे किसानों के नाम हैं जिनके खाता नंबर गलत फीड हुए हैं। इनका भी संशोधन करना है।
किसानों का गलत डाटा संशोधित किया जा रहा है। तहसीलों और उप कृषि निदेशक कार्यालय में भी इसके लिए टीमें लगाई गई हैं।
दुर्विजय सिंह, उप कृषि निदेशक।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए किसानों ने आवेदन किए थे। उन्होंने लेखपाल को अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक और खेत की फर्द के अभिलेख दिए थे। इसी के आधार पर कृषि विभाग ने उनका डाटा फीड किया था। लेकिन जब शासन ने इस डाटा का मिलान किया तो 1.55 लाख किसान ऐसे मिले, जिनका डाटा गलत था।
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किसानों के पंजीकरण में फीड नाम और आधार कार्ड में नाम अलग-अलग जैसी कई गलतियां हैं। इसी के चलते अब इनकी पूरी सूची कृषि विभाग को भेज दी गई है। अब विभाग को इस डाटा में संशोधन कराना होगा। दिसंबर के पहले सप्ताह में योजना की किश्त भेजी जानी है। ऐसे में सभी संशोधन कराना विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
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42 हजार किसानों के खाते भी हैं गलत
डेढ़ लाख किसानों का जहां नाम आधार नंबर से मैच नहीं कर रहा है वहीं पंजीकरण में अन्य समस्याएं भी आ रही हैं। शासन से भेजी गई सूचना में 42 हजार ऐसे किसानों के नाम हैं जिनके खाता नंबर गलत फीड हुए हैं। इनका भी संशोधन करना है।
किसानों का गलत डाटा संशोधित किया जा रहा है। तहसीलों और उप कृषि निदेशक कार्यालय में भी इसके लिए टीमें लगाई गई हैं।
दुर्विजय सिंह, उप कृषि निदेशक।