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कर्ज के बोझ तले दबे किसान की सदमे से मौत, परिवार में मचा कोहराम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 07 Jul 2018 09:51 AM IST
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आगरा के फतेहपुर सीकरी में साहूकारों और बैंक के कर्जों के बोझ से दबे किसान की बैंकर्स द्वारा आरसी भेजने की चेतावनी के बाद सदमे से मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
गांव दूरा के रहने वाले 55 वर्षीय किसान शिवदयाल के पास चार बीघा खेत था। शिवदयाल ने 1.30 लाख रुपये का कृषि कर्ज ऑरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स दूरा से वर्ष 2016 में लिया था।
वहीं अपनी बड़ी बेटी की शादी एवं अन्य आकस्मिक जरूरतों के लिए गांव में साहूकारों से भी कर्ज लिया था। वो ऋण माफी योजना में एक लाख तक कर्ज माफी की आस लगाए बैठा था, लेकिन उसका कर्जा माफ नहीं हुआ।
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गांव दूरा के रहने वाले 55 वर्षीय किसान शिवदयाल के पास चार बीघा खेत था। शिवदयाल ने 1.30 लाख रुपये का कृषि कर्ज ऑरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स दूरा से वर्ष 2016 में लिया था।
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वहीं अपनी बड़ी बेटी की शादी एवं अन्य आकस्मिक जरूरतों के लिए गांव में साहूकारों से भी कर्ज लिया था। वो ऋण माफी योजना में एक लाख तक कर्ज माफी की आस लगाए बैठा था, लेकिन उसका कर्जा माफ नहीं हुआ।
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बैंकर्स ने शिवदयाल को बताया था कि उसने अपनी केसीसी का रुपया अदा कर दोबारा कृषि ऋण ले लिया है। इसलिए वो कर्जा माफी की श्रेणी में नहीं था। इससे वो परेशान करने लगा।
मृतक के भाई सुरेश चंद के अनुसार शिवदयाल कई महीनों से क्षय रोग से पीड़ित थे, जिसका उपचार चल रहा था और स्वास्थ्य लाभ हो रहा था। गुरुवार को बैंक वाले घर आए और आरसी निकालने की चेतावनी दी थी।
इसके बाद से शिवदयाल की बेचैनी बढ़ गई। इसके चलते सदमे से गुरुवार को उसकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी, तीन पुत्रियां व एक पुत्र का रो रोकर बुरा हाल है।
मृतक के भाई सुरेश चंद के अनुसार शिवदयाल कई महीनों से क्षय रोग से पीड़ित थे, जिसका उपचार चल रहा था और स्वास्थ्य लाभ हो रहा था। गुरुवार को बैंक वाले घर आए और आरसी निकालने की चेतावनी दी थी।
इसके बाद से शिवदयाल की बेचैनी बढ़ गई। इसके चलते सदमे से गुरुवार को उसकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी, तीन पुत्रियां व एक पुत्र का रो रोकर बुरा हाल है।