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तीन शिक्षकों से होगी डेढ़ करोड़ की रिकवरी
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मैनपुरी। बर्खास्त किए गए शिक्षकों से दिया गया वेतन वसूला जाएगा। इसके लिए बीएसए के निर्देश पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। लेखाधिकारी ने इन शिक्षकों का वेतन रोकते हुए उन्हें वेतन के रूप में दी गई करीब डेढ़ करोड़ की धनराशि की रिकवरी के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा है।
22 जनवरी को एसआईटी सूची में शामिल तीन फर्जी शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। सेवा समाप्ति के साथ ही बीएसए ने इन शिक्षकों से वेतन के रूप में दी गई धनराशि भी वापस लेने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को बीएसए का पत्र पहुंचने के बाद लेखाधिकारी अनिल शर्मा ने तीनों बर्खास्त शिक्षकों का वेतन रोकने की कार्रवाई करते हुए उन्हें वेतन के रूप में दी गई धनराशि का ब्योरा तैयार करने के निर्देश अधीनस्थों को दिए हैं, जिससे उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला पहुंचाकर इन बर्खास्त शिक्षकों को वेतन के रूप में दी गई सरकारी धनराशि की रिकवरी की जा सके।
एफआईआर पर अभी तक दर्ज नहीं हुई रिपोर्ट
इन तीनों फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध एफआईआर के लिए पिछले शनिवार को बीएसए के निर्देश पर खंड शिक्षाधिकारी करहल, घिरोर व जागीर ने पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन सात दिन बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
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कोर्ट जाने की तैयारी में हैं शिक्षक
बेसिक शिक्षा विभाग से बर्खास्त इन तीन शिक्षकों ने भी मामले का लेकर हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर दी है। क्यों कि पूर्व में 74 शिक्षकों की बर्खास्तगी हुई थी जिनके खिलाफ पुलिस को तहरीर दी गई थी। रिकवरी के लिए भी निर्देश दिए गए थे, लेकिन कोर्ट से स्टे मिलने के कारण इनके खिलाफ एफआईआर नहीं हो सकी और न ही इनसे वेतन की रिकवरी। यह देखते हुए इन तीन शिक्षकों ने भी कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है।
22 जनवरी को बर्खास्त हुए शिक्षकों के खिलाफ तहरीर संबंधित थानों में देने के साथ ही वेतन रोकने और रिकवरी के लिए लेखाधिकारी को लिखा गया है।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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22 जनवरी को एसआईटी सूची में शामिल तीन फर्जी शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। सेवा समाप्ति के साथ ही बीएसए ने इन शिक्षकों से वेतन के रूप में दी गई धनराशि भी वापस लेने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को बीएसए का पत्र पहुंचने के बाद लेखाधिकारी अनिल शर्मा ने तीनों बर्खास्त शिक्षकों का वेतन रोकने की कार्रवाई करते हुए उन्हें वेतन के रूप में दी गई धनराशि का ब्योरा तैयार करने के निर्देश अधीनस्थों को दिए हैं, जिससे उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला पहुंचाकर इन बर्खास्त शिक्षकों को वेतन के रूप में दी गई सरकारी धनराशि की रिकवरी की जा सके।
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एफआईआर पर अभी तक दर्ज नहीं हुई रिपोर्ट
इन तीनों फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध एफआईआर के लिए पिछले शनिवार को बीएसए के निर्देश पर खंड शिक्षाधिकारी करहल, घिरोर व जागीर ने पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन सात दिन बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
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कोर्ट जाने की तैयारी में हैं शिक्षक
बेसिक शिक्षा विभाग से बर्खास्त इन तीन शिक्षकों ने भी मामले का लेकर हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर दी है। क्यों कि पूर्व में 74 शिक्षकों की बर्खास्तगी हुई थी जिनके खिलाफ पुलिस को तहरीर दी गई थी। रिकवरी के लिए भी निर्देश दिए गए थे, लेकिन कोर्ट से स्टे मिलने के कारण इनके खिलाफ एफआईआर नहीं हो सकी और न ही इनसे वेतन की रिकवरी। यह देखते हुए इन तीन शिक्षकों ने भी कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है।
22 जनवरी को बर्खास्त हुए शिक्षकों के खिलाफ तहरीर संबंधित थानों में देने के साथ ही वेतन रोकने और रिकवरी के लिए लेखाधिकारी को लिखा गया है।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए