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Milk: ऐसा दूध...असली या नकली की पहचान करना मुश्किल, ऑन डिमांड किया जाता था तैयार; कई राज्यों में सप्लाई
Wed, 12 Nov 2025 11:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 12 Nov 2025 11:00 AM IST
सार
नकली दूध के बड़े कारोबार का आगरा में पर्दाफाश हुआ है। इस तरह का दूध तैयार किया जा रहा था, जिसकी पहचान कर पाना मुश्किल है।
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नकली दूध
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के खेरागढ़ में पकड़े गए नकली दूध बनाने के मामले में नए खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि बजरंग डेयरी एंड चिलर प्लांट में तैयार किया जाने वाला यह नकली दूध उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश और दिल्ली तक सप्लाई किया जाता था।
सहायक आयुक्त (खाद्य) महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि प्लांट में ऑन डिमांड दूध तैयार किया जाता था। जब किसी व्यापारी या सप्लायर से ऑर्डर मिलता, उसी रात नकली दूध बनाकर टैंकरों में भरकर रवाना कर दिया जाता था। एक ही रात में 10 हजार लीटर से अधिक दूध तैयार कर लिया जाता था। यह दूध कई डेयरियों, मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंटों में सप्लाई होता था। जांच में पाया गया कि दूध बनाने में रिफाइंड ऑयल, पामोलिन, स्किम्ड मिल्क पाउडर, सॉर्बिटॉल और अज्ञात केमिकल का प्रयोग किया जा रहा था। मिश्रण तैयार करने के लिए प्लांट में बड़ी मिक्सर मशीनें लगाई गई थीं।
सहायक आयुक्त ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और सहालग के मौसम में इसकी डिमांड कई गुना बढ़ जाती थी। फिलहाल प्लांट को सील कर दिया गया है और संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जब्त किए गए दूध और रसायनों के नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। खाद्य विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध उत्पाद की जानकारी हेल्पलाइन 18001805533 पर दी जा सकती है।
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सहायक आयुक्त (खाद्य) महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि प्लांट में ऑन डिमांड दूध तैयार किया जाता था। जब किसी व्यापारी या सप्लायर से ऑर्डर मिलता, उसी रात नकली दूध बनाकर टैंकरों में भरकर रवाना कर दिया जाता था। एक ही रात में 10 हजार लीटर से अधिक दूध तैयार कर लिया जाता था। यह दूध कई डेयरियों, मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंटों में सप्लाई होता था। जांच में पाया गया कि दूध बनाने में रिफाइंड ऑयल, पामोलिन, स्किम्ड मिल्क पाउडर, सॉर्बिटॉल और अज्ञात केमिकल का प्रयोग किया जा रहा था। मिश्रण तैयार करने के लिए प्लांट में बड़ी मिक्सर मशीनें लगाई गई थीं।
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सहायक आयुक्त ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और सहालग के मौसम में इसकी डिमांड कई गुना बढ़ जाती थी। फिलहाल प्लांट को सील कर दिया गया है और संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जब्त किए गए दूध और रसायनों के नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। खाद्य विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध उत्पाद की जानकारी हेल्पलाइन 18001805533 पर दी जा सकती है।
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