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लॉकडाउन: विश्वविद्यालय की परीक्षा को लेकर वायरल हुआ फर्जी पत्र, यह है इसकी हकीकत
Fri, 03 Apr 2020 12:09 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 03 Apr 2020 12:09 AM IST
सार
कुलसचिव ने पत्र को बताया आधारहीन, कहा- विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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विस्तार
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा को शासन के अग्रिम आदेशों तक स्थगित किया गया है। इस बीच बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर विश्वविद्यालय के एक लेटरहेड और कुलसचिव के हस्ताक्षर से एक पत्र वायरल हुआ।
इस पर विश्वविद्यालय की परीक्षाओं को स्थगित किए जाने और बची हुई परीक्षाएं कराए बिना छात्र-छात्राओं को उत्तीर्ण किए जाने का निर्णय लिए जाने की बात लिखी गई है। कुलसचिव ने वायरल पत्र को आधारहीन और अपने हस्ताक्षर को फर्जी बताया है।
वायरल पत्र में दिया गया है कि इस वर्ष की परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं। प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्र बिना किसी परीक्षा के उत्तीर्ण हो जाएंगे। तीसरे और चतुर्थ वर्षों के छात्रों को अब तक हुई परीक्षाओं और गत वर्षों के अकादमिक रिकार्ड के आधार पर पास किया जाएगा।
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इस पर विश्वविद्यालय की परीक्षाओं को स्थगित किए जाने और बची हुई परीक्षाएं कराए बिना छात्र-छात्राओं को उत्तीर्ण किए जाने का निर्णय लिए जाने की बात लिखी गई है। कुलसचिव ने वायरल पत्र को आधारहीन और अपने हस्ताक्षर को फर्जी बताया है।
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वायरल पत्र में दिया गया है कि इस वर्ष की परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं। प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्र बिना किसी परीक्षा के उत्तीर्ण हो जाएंगे। तीसरे और चतुर्थ वर्षों के छात्रों को अब तक हुई परीक्षाओं और गत वर्षों के अकादमिक रिकार्ड के आधार पर पास किया जाएगा।
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कुलसचिव ने कहा- फर्जी है यह पत्र
विश्वविद्यालय के कुलसचिव एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार का कहना है कि इस तरह के फर्जी पत्र राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं के संबंध में भी जारी किए गए हैं। परीक्षाओं के संबंध में इस तरह का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। न ही शासन स्तर से ऐसा कोई पत्र विश्वविद्यालय को मिला है।
कुलसचिव का कहना है कि परीक्षाओं के संबंध में निर्णय शासन के आदेश पर लिया जाएगा। इसकी अधिकृत सूचना विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। सभी कॉलेजों के प्राचार्य, शिक्षक और छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय की वेबसाइट को देखते रहें।
कुलसचिव का कहना है कि परीक्षाओं के संबंध में निर्णय शासन के आदेश पर लिया जाएगा। इसकी अधिकृत सूचना विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। सभी कॉलेजों के प्राचार्य, शिक्षक और छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय की वेबसाइट को देखते रहें।