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एटा फर्जी मुठभेड़: दो आरक्षी निलंबित, इंस्पेक्टर पर भी कार्रवाई की संस्तुति, ये था मामला
Tue, 23 Mar 2021 12:36 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 23 Mar 2021 12:36 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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फर्जी मुठभेड़ मामले में दो आरक्षी निलंबित कर दिए गए हैं। तत्कालीन इंस्पेक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इसके पूर्व जांच में इंस्पेक्टर सहित चार को दोषी पाया गया। मामले में कार्रवाई की जानकारी एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने दी।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक मुठभेड़ के बाद शराब व गांजा के साथ जिन दस लोगों को जेल भेजा गया था वे दोषी नहीं पाए गए। जिस ढाबा पर फायरिंग होना बताया गया वहां कोई गोली नहीं चली है। चार फरवरी को सभी इत्तेफाक से ढाबा पर खाना खाने पहुंचे थे। तभी तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात इंद्रेशपाल, आरक्षी संतोष व शैलेंद्र यादव द्वारा फर्जी मुठभेड़ व झूठी बरामदगी दिखाई गई इसमें शराब माफिया बंटू यादव की मिलीभगत सामने आई।
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शिकायतकर्ता प्रवीन कुमार के भाई पुष्पेंद्र यादव व चचेरे भाई दीपक यादव का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। जेल भेजे गए तीन आरोपी बिहार के हैं जब कि अन्य अलग-अलग गांव के हैं। चार फरवरी को सभी इतफाक से ढाबा पर खाना खाने पहुंचे थे, तभी प्रभारी निरीक्षक इंद्रेशपाल, आरक्षी संतोष यादव व शैलेंद्र यादव ने झूठी बरामदगी दिखाई गई। तीनों ने शराब माफिया बंटू यादव के साथ मिलकर खेल किया। जांच में आशू यादव, टिंकू यादव निवासीगण गांव दरिगपुर का अपराधिक इतिहास मिला है, जबकि अन्य का कोई अपराधिक इतिहास नहीं है। इंस्पेक्टर सहित चारों को जांच में दोषी मानकर विधिक और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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जांच रिपोर्ट के मुताबिक मुठभेड़ के बाद शराब व गांजा के साथ जिन दस लोगों को जेल भेजा गया था वे दोषी नहीं पाए गए। जिस ढाबा पर फायरिंग होना बताया गया वहां कोई गोली नहीं चली है। चार फरवरी को सभी इत्तेफाक से ढाबा पर खाना खाने पहुंचे थे। तभी तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात इंद्रेशपाल, आरक्षी संतोष व शैलेंद्र यादव द्वारा फर्जी मुठभेड़ व झूठी बरामदगी दिखाई गई इसमें शराब माफिया बंटू यादव की मिलीभगत सामने आई।
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शिकायतकर्ता प्रवीन कुमार के भाई पुष्पेंद्र यादव व चचेरे भाई दीपक यादव का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। जेल भेजे गए तीन आरोपी बिहार के हैं जब कि अन्य अलग-अलग गांव के हैं। चार फरवरी को सभी इतफाक से ढाबा पर खाना खाने पहुंचे थे, तभी प्रभारी निरीक्षक इंद्रेशपाल, आरक्षी संतोष यादव व शैलेंद्र यादव ने झूठी बरामदगी दिखाई गई। तीनों ने शराब माफिया बंटू यादव के साथ मिलकर खेल किया। जांच में आशू यादव, टिंकू यादव निवासीगण गांव दरिगपुर का अपराधिक इतिहास मिला है, जबकि अन्य का कोई अपराधिक इतिहास नहीं है। इंस्पेक्टर सहित चारों को जांच में दोषी मानकर विधिक और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
शिकायतकर्ता की शिकायत की गंभीरता से जांच की गई, इसमें तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक इंद्रेशपाल, आरक्षी संतोष यादव व शैलेंद्र यादव और शराब माफिया बंटू यादव दोषी पाए गए हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है। राहुल कुमार, एएसपी क्राइम
यह है मामला
आगरा रोड स्थित यदुवंशी ढाबा संचालक प्रवीन कुमार का आरोप था कि चार फरवरी को दोपहर करीब दो बजे भाई पुष्पेंद्र ढाबा पर मौजूद था। इस दौरान कोतवाली देहात के दो आरक्षी शराब के नशे में धुत्त होकर आए और करीब चार सौ रुपए का खाना खाया। जब रुपए मांगे गए तो मारपीट शुरू कर थाना से प्रभारी निरीक्षक इंद्रेशपाल सिंह सहित करीब दो गाड़ियां पुलिस की मंगा लीं। ढाबा पर खाना रहे ग्राहकों को भी ठा लाए और कोतवाली परिसर में रखा गांजा और शराब लगाकर पुष्पेंद्र सहित सभी का चालान कर दिया।
यह है मामला
आगरा रोड स्थित यदुवंशी ढाबा संचालक प्रवीन कुमार का आरोप था कि चार फरवरी को दोपहर करीब दो बजे भाई पुष्पेंद्र ढाबा पर मौजूद था। इस दौरान कोतवाली देहात के दो आरक्षी शराब के नशे में धुत्त होकर आए और करीब चार सौ रुपए का खाना खाया। जब रुपए मांगे गए तो मारपीट शुरू कर थाना से प्रभारी निरीक्षक इंद्रेशपाल सिंह सहित करीब दो गाड़ियां पुलिस की मंगा लीं। ढाबा पर खाना रहे ग्राहकों को भी ठा लाए और कोतवाली परिसर में रखा गांजा और शराब लगाकर पुष्पेंद्र सहित सभी का चालान कर दिया।