फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Fake deed worth Rs 300 crore in bound book got it done for just Rs 50 thousand revelation in SIT investigation

Agra Land Fraud: जिल्द बही में 300 करोड़ की फर्जी डीड, महज 50 हजार में लगवाई...एसआईटी जांच में बड़ा खुलासा

Thu, 06 Mar 2025 09:55 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 06 Mar 2025 09:55 AM IST
सार

जमीन माफिया के गिरोह ने 300 करोड़ रुपये की फर्जी ट्रस्ट डीड को महज 50 हजार रुपये में लगवा दिया। एसआईटी की जांच में इस बड़े कांड का खुलासा हुआ है। 

 

विज्ञापन
Fake deed worth Rs 300 crore in bound book got it done for just Rs 50 thousand revelation in SIT investigation
रजिस्ट्री कार्यालय से बाहर निकती एसआईटी की टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा के थाना डौकी के मुंशीदास की 300 करोड़ रुपये की फर्जी ट्रस्ट डीड को गिरोह ने केंद्रीय अभिलेखागार की बही में निजी कर्मचारी टीटू की मदद से लगवाया था। इसके लिए उसे 50 हजार रुपये दिए थे।
विज्ञापन


एसआईटी ने मंगलवार को आरोपी टीटू को गिरफ्तार किया। वह अलीगढ़ की थाना क्वार्सी स्थित सरोवर काॅलोनी का रहने वाला है। पूछताछ में उसने जिल्द बही से कई असली बैनामे गायब करने की बात कही। एसीपी सदर विनायक भोसले ने बताया कि जमीनों के खेल का मुख्य सरगना प्रशांत शर्मा और अजय सिसौदिया हैं। वे जेल में बंद हैं।
विज्ञापन


 

उन्होंने डौकी के बाबा मुंशीदास की 300 करोड़ से अधिक की जमीनों की फर्जी वसीयत तैयार कराई थी। इसमें मुंशीदास की पहली पत्नी का बेटा राजकुमार भी शामिल था। पुलिस ने राजकुमार और केंद्रीय अभिलेखागार के निजी कर्मचारी चित्र सिंह को 25 फरवरी को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। उन्होंने मुंशीदास की वसीयत 11 फरवरी 2004 में की थी।

इसमें राजवती उर्फ उर्मिला देवी का नाम लिखा था। राजवती पहली और उर्मिला देवी दूसरी पत्नी थी। असली वसीयत से 11 दिन पहले की 23 फरवरी 2023 की तिथि डाली थी। इसके बाद सहयोग करने वालों को रकम मिली थी।

 

मौसा के कहने पर गायब की असली वसीयत
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने चित्र सिंह को जिल्द बही में फर्जी वसीयत लगाने का ठेका दिया था। चित्र सिंह से पूछताछ में टीटू का नाम सामने आया था। मंगलवार को उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि चित्र सिंह उसका मौसा है। टीटू 13 वर्ष से केंद्रीय अभिलेखागार में काम कर रहा था। मौसा ने आरोपियों से उसकी मुलाकात कराई। जिल्द बही से असली वसीयत गायब करके उसकी जगह फर्जी वसीयत लगाने के लिए 50 हजार रुपये दिए थे। इसमें 10 हजार रुपये ऑनलाइन भुगतान किया था।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed