आगरा: फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र मामले में मुकदमा, सत्यापन में हुआ था खुलासा, जांच शुरू
जोनल कार्यालय में सत्यापन के लिए आने पर हुआ था खुलासा, साइबर सेल की मदद से जांच में जुटी पुलिस
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आगरा नगर निगम के जोनल कार्यालय ताजगंज में फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होने का मामला सामने आया है। इस मामले में कनिष्ठ लिपिक नीतेश कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी की आशंका जाहिर की है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
ताजगंज स्थित नगर निगम के जोनल कार्यालय में तैनात कनिष्ठ लिपिक ने मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा है कि कार्यालय में साफ-सफाई, सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट के अलावा जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र पंजीकरण के लिए रजिस्ट्रार आईडी उपलब्ध कराई गई है।
सत्यापन में हुआ खुलासा
पिछले दिनों कुछ लोग उनके पास आए। उन्होंने जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र का सत्यापन करने के लिए कहा। जब प्रमाणपत्रों का क्रमांक डाला तो पोर्टल पर लिया नहीं गया। इससे प्रमाणपत्रों के फर्जी होने का पता चला। मगर, उक्त लोगों ने कुछ बताया नहीं। इससे धोखाधड़ी की आशंका हुई।
शिकायत में कहा गया है कि ऐसा साइबर अपराधियों के करने की आशंका है। वह फर्जी तरीके से लॉगिन आईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं। थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक उमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि विवेचना की जा रही है। साइबर सेल की मदद से आरोपी की धरपकड़ की जाएगी।
फर्जी तरीके से बनाए गए 288 प्रमाणपत्र
मामला संज्ञान में आने के बाद नगर निगम की जांच कमेटी ने जांच की थी। इसके बाद पता चला था कि 288 जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र फर्जी हैं। इन सभी का पंजीकरण क्रमांक पोर्टल पर नहीं आ रहा है।