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सरकारी एंबुलेंस में एक्सपायरी डेट की दवाइयां, ऑक्सीजन सिलिंडर भी मिला खाली
Sun, 19 May 2019 03:23 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 19 May 2019 03:23 PM IST
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सरकारी एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में प्राइवेट एंबुलेंस के खिलाफ अभियान चलाने वाले स्वास्थ्य विभाग की खुद की एंबुलेंस का बदहाल हैं। इनमें चिकित्सकीय मानकों के नाम पर खानापूर्ति मिली। ताजमहल के पास खड़ी होने वाली आवास विकास प्राधिकरण (एडीए) की एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं था। स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस में एक्सपायर्ड दवाएं थीं।
ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट पर पर्यटकों के लिए सरकारी एंबुलेंस की सुविधा रहती है। एंबुलेंस में चिकित्सकीय मानक न होने पर पर्यटकों ने सीएमओ को शिकायत की। शिकायत पर सीएमओ ने शनिवार को नोडल प्रभारी डॉ. अंशुल पारीक के साथ चिकित्सकीय टीम भेजी। इसमें एडीए की एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर खाली मिला।
इमरजेंसी दवाएं भी नहीं थी और टेक्नीशियन नहीं था। अग्निशमन यंत्र भी कार्य नहीं कर रहा था। स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस में मेडिकल किट में एक्सपायर्ड दवाएं थी, सिलिंडर में एक चौथाई ही आक्सीजन थी। इसमें भी ईएमटी नहीं था।
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चालक के भरोसे ही एंबुलेंस चल रही थी। चालक को मरीज के कैसे आक्सीजन लगाई जाती है, इसकी जानकारी भी नहीं है। एंबुलेंस नोडल प्रभारी डॉ. अंशुल पारीक ने बताया कि एंबुलेंस में एक्सपायर्ड दवाएं हटाते हुए सिलिंडर बदले गए हैं। अन्य खामियों पर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करा दी हैं।
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ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट पर पर्यटकों के लिए सरकारी एंबुलेंस की सुविधा रहती है। एंबुलेंस में चिकित्सकीय मानक न होने पर पर्यटकों ने सीएमओ को शिकायत की। शिकायत पर सीएमओ ने शनिवार को नोडल प्रभारी डॉ. अंशुल पारीक के साथ चिकित्सकीय टीम भेजी। इसमें एडीए की एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर खाली मिला।
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इमरजेंसी दवाएं भी नहीं थी और टेक्नीशियन नहीं था। अग्निशमन यंत्र भी कार्य नहीं कर रहा था। स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस में मेडिकल किट में एक्सपायर्ड दवाएं थी, सिलिंडर में एक चौथाई ही आक्सीजन थी। इसमें भी ईएमटी नहीं था।
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चालक के भरोसे ही एंबुलेंस चल रही थी। चालक को मरीज के कैसे आक्सीजन लगाई जाती है, इसकी जानकारी भी नहीं है। एंबुलेंस नोडल प्रभारी डॉ. अंशुल पारीक ने बताया कि एंबुलेंस में एक्सपायर्ड दवाएं हटाते हुए सिलिंडर बदले गए हैं। अन्य खामियों पर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करा दी हैं।
एंबुलेंस में तत्काल कराईं व्यवस्थाएं
प्राइवेट एंबुलेंस के खिलाफ अभियान चलाने वाले स्वास्थ्य विभाग की खुद की एंबुलेंस में खामियां मिलीं तो अधिकारियों के कान खड़े हो गए। तत्काल एंबुलेंस में आक्सीजन सिलिंडर भरे हुए रखे गए, एंबू बैग समेत मरीज को आक्सीजन लगाने वाली किट लगवाई। एक्सपायर्ड दवाएं बदलवा दी गई हैं।
ताज पर नहीं है चिकित्सकीय टीम बैठने के लिए स्थान
ताजमहल पर किसी पर्यटक की हालत बिगड़ने पर स्वास्थ्य विभाग और एडीए की एंबुलेंस संचालित हो रही हैं। अगर किसी पर्यटक की तबियत खराब हो जाए तो ऐसी एंबुलेंस में मरीज को ले जाना जोखिम भरा है।
स्वास्थ्य विभाग की शिकायत है कि ताजमहल पर एंबुलेंस के चिकित्सकीय टीम के बैठने के लिए कोई स्थान तय नहीं है। इससे भी और परेशानी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग ने एडीए से चिकित्सकीय टीम के बैठने के लिए स्थान मांगा है।
ताज पर नहीं है चिकित्सकीय टीम बैठने के लिए स्थान
ताजमहल पर किसी पर्यटक की हालत बिगड़ने पर स्वास्थ्य विभाग और एडीए की एंबुलेंस संचालित हो रही हैं। अगर किसी पर्यटक की तबियत खराब हो जाए तो ऐसी एंबुलेंस में मरीज को ले जाना जोखिम भरा है।
स्वास्थ्य विभाग की शिकायत है कि ताजमहल पर एंबुलेंस के चिकित्सकीय टीम के बैठने के लिए कोई स्थान तय नहीं है। इससे भी और परेशानी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग ने एडीए से चिकित्सकीय टीम के बैठने के लिए स्थान मांगा है।
दोनों एंबुलेंस में जो खामियां मिलीं, उनको दुरुस्त करा दिया गया है। एडीए की एंबुलेंस में मिलीं खामियों पर विभाग को पत्र भी लिखा गया है। - डॉ. मुकेश वत्स, सीएमओ
एंबुलेंस में आक्सीजन समेत अन्य कमियां मिली हैं, इसकी जानकारी विभाग के पास नहीं है। अगर जो भी कमियां हैं, उनको ठीक कराया जाएगा। - पंकज शर्मा, जेई, एडीए