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UP: साइबर ठगों के निशाने पर यूपी पुलिस, इस तरह जाल में फंस रहे पुलिसकर्मी; नए हथकंडों ने बढ़ाई टेंशन
Wed, 22 Jul 2026 11:47 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 22 Jul 2026 11:47 AM IST
सार
मैनपुरी में साइबर ठगों का जाल लगातार फैलता जा रहा है और अब पुलिसकर्मी भी इससे अछूते नहीं हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सुरक्षा देने वाले ही ठगी के शिकार हो रहे हैं, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित रखें।
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साइबर ठग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अपराधियों को पकड़ने वाले पुलिसकर्मी भी साइबर ठगों के निशाने पर हैं। जनपद में पिछले एक साल में साइबर ठगी के करीब 15 से 16 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से करीब 3 से 4 मामलों में खुद पुलिसकर्मी ही लाखों की ठगी का शिकार हुए हैं। पूर्व सैनिक व अन्य सरकारी कर्मियों से भी ठगी की गई है। ऐसे में आम आदमी इन ठगों से कैसे बच सके।
साइबर ठग कब कहां और किसे अपना शिकार बना लें, कुछ भी कहा नहीं जा सकता। पुलिस विभाग में ठगी के अधिकतर मामले विभागीय छवि के चलते बाहर नहीं आते बल्कि अंदरूनी कार्रवाई चलती है। जब मामले सामने आते हैं, तो सवाल जरूर उठता है कि जिन पर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वही साइबर ठगों का शिकार बन रहे हैं।
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साइबर ठग कब कहां और किसे अपना शिकार बना लें, कुछ भी कहा नहीं जा सकता। पुलिस विभाग में ठगी के अधिकतर मामले विभागीय छवि के चलते बाहर नहीं आते बल्कि अंदरूनी कार्रवाई चलती है। जब मामले सामने आते हैं, तो सवाल जरूर उठता है कि जिन पर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वही साइबर ठगों का शिकार बन रहे हैं।
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कार्रवाई का डर दिखाकर बनाते हैं दबाव
यूं तो पुलिस को डराना आसान नहीं है लेकिन साइबर ठग इसके लिए कार्रवाई का डर दबाव के रूप में इस्तेमाल करते हैं। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से अधिकारियों का ब्योरा निकाल कर उनके नाम और फोटो का उपयोग करते हैं। फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाते हैं। इसके बाद अधीनस्थों को आपातकाल का हवाला देकर रुपये व अन्य मांग करते हैं। ठग पुलिसकर्मियों को फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिये भी लालच में फंसाते हैं। साइबर थाना प्रभारी संतोष सिंह ने बताया कि साइबर ठगी के संबंध में मिलने वाले प्रार्थनापत्रों पर उचित कार्रवाई की जा रही है। साइबर ठगों का पता लगाकर उन पर कार्रवाई की जा रही है। किसी के साथ भी इस तरह की कोई घटना होती है तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
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यूं तो पुलिस को डराना आसान नहीं है लेकिन साइबर ठग इसके लिए कार्रवाई का डर दबाव के रूप में इस्तेमाल करते हैं। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से अधिकारियों का ब्योरा निकाल कर उनके नाम और फोटो का उपयोग करते हैं। फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाते हैं। इसके बाद अधीनस्थों को आपातकाल का हवाला देकर रुपये व अन्य मांग करते हैं। ठग पुलिसकर्मियों को फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिये भी लालच में फंसाते हैं। साइबर थाना प्रभारी संतोष सिंह ने बताया कि साइबर ठगी के संबंध में मिलने वाले प्रार्थनापत्रों पर उचित कार्रवाई की जा रही है। साइबर ठगों का पता लगाकर उन पर कार्रवाई की जा रही है। किसी के साथ भी इस तरह की कोई घटना होती है तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
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केस नंबर एक
पुलिस विभाग में फील्ड यूनिट में तैनात दारोगा अवधेश सिंह भी साइबर ठगों का शिकार बन चुके हैं। कुछ महीने पहले उनके बैंक खाते से 99,500 रुपये निकाल लिए गए थे। खाते से रुपये निकाले जाने का मैसेज आने के बाद जानकारी हो सकी थी, साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
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पुलिस विभाग में फील्ड यूनिट में तैनात दारोगा अवधेश सिंह भी साइबर ठगों का शिकार बन चुके हैं। कुछ महीने पहले उनके बैंक खाते से 99,500 रुपये निकाल लिए गए थे। खाते से रुपये निकाले जाने का मैसेज आने के बाद जानकारी हो सकी थी, साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
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केस नंबर दो
जनपद हमीरपुर के गांव पारा ओझी निवासी धर्मेंद्र सिंह पुलिस विभाग में मुख्य आरक्षी हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती पुलिस लाइन में है। 12 अप्रैल 2026 को मोबाइल पर इंटरनेट इस्तेमाल करने के दौरान योनो एप डाउनलोड करने के बाद उन्होंने साइबर ठग को ओटीपी उपलब्ध करा दी। जिसके बाद खाते से 9.20 लाख रुपये निकाल लिए गए थे।
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जनपद हमीरपुर के गांव पारा ओझी निवासी धर्मेंद्र सिंह पुलिस विभाग में मुख्य आरक्षी हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती पुलिस लाइन में है। 12 अप्रैल 2026 को मोबाइल पर इंटरनेट इस्तेमाल करने के दौरान योनो एप डाउनलोड करने के बाद उन्होंने साइबर ठग को ओटीपी उपलब्ध करा दी। जिसके बाद खाते से 9.20 लाख रुपये निकाल लिए गए थे।
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केस नंबर तीन
पुलिस विभाग में रेडियो निरीक्षक राज कपूर भी साइबर ठगी का शिकार बन चुके हैं। 14 सितंबर 2025 को रेडियो निरीक्षक को कई लुभावनी स्कीम बताते हुए ठगों ने जाल में फंसाया था, 14.70 लाख रुपये की ठगी की गई थी। जिसके बाद साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
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पूर्व सैनिक से ठगी होने का किया खुलासा
जनपद के रहने वाले एक पूर्व सैनिक भी साइबर ठगी के जाल में फंस चुके हैं। सेवानिवृत्त सैनिक के खाते से 6.97 लाख रुपये निकाल लिए गए थे। साइबर ठगी की इस घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन ठगों को गिरफ्तार किया था।
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