जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: इस जिले में भाजपा की करारी हार, सपा प्रत्याशी ने दर्ज की जीत
सपा के गढ़ के रूप में पहचान बना चुके एटा में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा तो दूर, सत्ताधारी दल भाजपा छू तक नहीं सकी। भाजपा के पक्ष में 30 में से सिर्फ वोट पड़े।
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एटा में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने फिर जीत का परचम लहराया है। सपा की ओर से घोषित प्रत्याशी रेखा यादव जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुई हैं। एकतरफा मुकाबले में उन्हें 24 मत और भाजपा प्रत्याशी विनीता यादव को कुल चार मत मिल सके।
कलक्ट्रेट स्थित डीएम न्यायालय कक्ष में सुबह 11 बजे मतदान प्रक्रिया शुरू कराई गई। कुछ देर बाद सपा खेमे के सदस्य पहुंचे। सभी को चेकिंग के बाद कलक्ट्रेट में प्रवेश देकर बाहर परिसर में बैठा लिया गया। इसके बाद एक-एक कर सदस्यों को न्यायालय कक्ष में बुलाकर मतदान कराया गया।
सबसे पहले सपा समर्थित सदस्य सोनी यादव ने मतदान किया और सबसे अंत में भाजपा समर्थित गीता देवी ने वोट डाला। दोपहर तीन बजे के बाद करीब आधे घंटे की मतगणना के बाद परिणाम घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही सपा खेमे में जश्न शुरू हो गया।
भाजपा ने लगाया धनबल से चुनाव जीतने का आरोप
करारी शिकस्त के बाद भाजपा सांसद राजवीर सिंह ने सपा पर धनबल से चुनाव जीतने का आरोप लगाया है। पार्टी ने चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उधर, सपा ने आरोप को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने चुनाव को निष्पक्ष ठहराया।
सांसद राजवीर सिंह ने कहा कि सदस्य पदों के चुनाव के दौरान सपा ने धनबल का प्रयोग किया था। प्रशासन की भी कमी रही। इस कारण चुनाव निष्पक्ष नहीं हो सका। इसका नतीजा था कि हमारे सदस्य कम जीते और अध्यक्ष पद के चुनाव में हम संख्याबल नहीं जुटा सके।
सपा जिलाध्यक्ष परवेज जुबैरी ने कहा कि भाजपा का आरोप निराधार है। सपा ने मेहनत के साथ चुनाव लड़ा और जनसमर्थन मिला। बहुमत की संख्या में हमारे सदस्य चुनकर आए। अन्य सदस्य पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर आए हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले सपा नेताओं पर कार्रवाई से सपा कार्यकर्ता परेशान थे। पार्टी के दिग्गज नेता और अध्यक्ष पद के लिए सपा प्रत्याशी रेखा यादव के पति जुगेंद्र सिंह यादव पर चार मुकदमे दर्ज किए गए।
शहर में उनका 24 दुकानों का मार्केट और एक फार्म हाउस के काफी हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया। इससे सपा नेता और समर्थक तनाव और दबाव में थे लेकिन शनिवार को जीत के बाद सभी सपाई कार्रवाई का दर्द भूल गए और जश्न में डूब गए।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव ने कहा कि चुनाव से पहले प्रशासन की भूमिका पर संदेह था लेकिन शनिवार को मतदान और मतगणना में प्रशासन और पुलिस के इंतजाम संतोषजनक रहे। प्रेक्षक की उपस्थिति में निष्पक्ष प्रक्रिया कराई गई।