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ग्लेशियर में शहीद हुए जवान का शव पहुंचा घर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला एटा
Updated Sun, 04 Feb 2018 07:21 PM IST
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शहीद के शव पहुंचे पर मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के एटा के कासोंन निवासी नीरेश बाबू ग्लेशियर दिराश में हुए हिमस्खलन में शहीद हो गए। जानकारी पाने के बाद माता, पिता,भाई पत्नी और बच्चों में कोहराम मचा गया।
रविवार को उनका शव उनके घर पहुंचा। जहां काफी संख्या में लोगों की भीड़ जमा थी। वहीं आला अधिकारी भी शहीद जवान के घर पहुंचे और परिवारीजनों को ढांढस दी।
थाना बागवाला क्षेत्र के गांव कासोन निवासी नीरेश बाबू (45) पुत्र फौजदार सिंह सेना में जवान थे। मौजूदा वक्त में उनकी तैनात लेह के ग्लेशियर दिराश नामक स्थान पर थी।
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रविवार को उनका शव उनके घर पहुंचा। जहां काफी संख्या में लोगों की भीड़ जमा थी। वहीं आला अधिकारी भी शहीद जवान के घर पहुंचे और परिवारीजनों को ढांढस दी।
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थाना बागवाला क्षेत्र के गांव कासोन निवासी नीरेश बाबू (45) पुत्र फौजदार सिंह सेना में जवान थे। मौजूदा वक्त में उनकी तैनात लेह के ग्लेशियर दिराश नामक स्थान पर थी।
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रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
परिवारीजनों ने बताया कि तीन दिन पहले दिराश में भारी मात्रा में हिमस्खलन हो गया। इसके चलते ड्यूटी करते हुए नीरेश बाबू शहीद हो गए। इसकी जानकारी सेना के माध्यम से शुक्रवार को परिवारीजनों को मिली थी।
सूचना मिलते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। जवान के शहीद होने की जानकारी जब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को हुई तो तहसीलदार मौके पर पहुंच गए।
देर शाम तक शहीद जवान का पार्थिव शव गांव नहीं पहुंचा था। शहीद के भाई अनिल कुमार ने बताया कि शाम को भाई का शव दिल्ली पहुंच गया था। ऐसे में रविवार सुबह तक शव गांव में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
सूचना मिलते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। जवान के शहीद होने की जानकारी जब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को हुई तो तहसीलदार मौके पर पहुंच गए।
देर शाम तक शहीद जवान का पार्थिव शव गांव नहीं पहुंचा था। शहीद के भाई अनिल कुमार ने बताया कि शाम को भाई का शव दिल्ली पहुंच गया था। ऐसे में रविवार सुबह तक शव गांव में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।