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जेई मर्डरः दूध बेचकर कलेजे के टुकड़े मां ने बनाया था इंजीनियर

Tue, 08 Aug 2017 08:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला एटा
ब्यूरो/अमर उजाला एटा Updated Tue, 08 Aug 2017 08:12 PM IST
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etah junior engineer satyam mother sold milk for his study
सत्यम मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
एटा में सिंचाई विभाग के जूनियर इं‌जीनियर सत्यम मिश्रा गुदड़ी के लाल थे। एक गरीब परिवार के बेटे का सरकारी इंजीनियर बनना पूरे परिवार के लिए गर्व की बात था। लेकिन इस घटना ने उनके परिवार के सपने ही तोड़ दिए हैं।   
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बताया गया है कि बीते साल बाइस दिसंबर को सिंचाई विभाग एटा में जेई पर सरकारी नौकरी ज्वाइन करने पर पिता और परिवार का सर गर्व ऊंचा हो गया था। मंगलवार को जब पिता और छोटे भाई ने परिवार के साथ सत्यम का शव देखा तो गश आ गया। 
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परिवार को विश्वास नहीं हो रहा कि सत्यम अब इस दुनियां में नहीं है।  महोबा जिले के पनवाड़ी निवासी सत्यम गरीब परिवार से निकल कर अपनी मेहनत के बल पर जूनियर इंजीनियर बना था। भाई शिवम ने बताया कि नौकरी लगने के बाद से लगातार सत्यम के रिश्ते आ रहे थे, लेकिन हर बार वो स्टडी चलने की बात कह कर शादी से इनकार कर देता था। 
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सत्यम के चचेरे भाई राज नारायण उर्फ राजू ने बताया कि पिता ने बेटे सत्यम को इंजीनियर बनाने के लिए ट्रैक्टर मेकेनिक बनकर मजदूरी तो मां ने भैंस खरीद कर दूध बेंच कर बेटे को पढ़ा कर इंजीनियर बनाया।  राजू की माने तो बेटे की मौत की खबर ने मां ऊषा मिश्रा के गहरे सदमे में धकेल दिया है। 

सत्यम का छोटा भाई शिवम अभी पढ़ रहा है और वो भी भाई के नक्शे कदम पर चलकर इंजीनियर बनना चाहता था, लेकिन सत्यम की अचानक हुई हत्या के परिवार के सपने टूट गए हैं। परिवार को यकीन नहीं हो रहा कि उनका बेटा अब इस दुनियां में नहीं हैं। पिता राजेंद्र मिश्रा और भाई शिवम मिश्रा के मुंह से बोल नहीं फूट रहे।

एटा में हुई पहली तैनाती

सिंचाई विभाग के प्रधान सहायक संजय चतुर्वेदी ने बताया कि दिसंबर माह में सत्यम मिश्रा और रविंकात की विभाग में पहली तैनाती हुई थी। तब से दोनों जेई एक साथ मंदाकिनीपुर के सरकारी आवास में रहते थे। शुक्रवार को मृतक अपने साथी रविकांत को बाइक पर बैठाकर घर जाने के लिए छोड़कर आया था।
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