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ताजनगरी में एयरपोर्ट, मेट्रो, बैराज...सबका रास्ता साफ, टीटीजेड में अस्थायी रोक हटी
Sat, 14 Dec 2019 11:34 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 14 Dec 2019 11:34 AM IST
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट के सकारात्मक रुख के बाद पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने ताज संरक्षित क्षेत्र (टीटीजेड) में लगी तदर्थ (अस्थायी) रोक हटा दी है। इससे विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। आगरा में सिविल एन्क्लेव, मेट्रो रेल, बैराज, प्रधानमंत्री आवास जैसी बड़ी योजनाएं मूर्तरूप ले सकेंगी। टीटीजेड में विकास की दृष्टि से मंत्रालय का यह बड़ा फैसला है।
मंत्रालय के साइंटिस्ट (ई) योगेंद्र पाल सिंह ने इस संबंध में शुक्रवार को टीटीजेड अध्यक्ष/मंडलायुक्त आगरा को पत्र जारी कर अपने फैसले से अवगत करा दिया है।
उन्होंने कहा है कि टीटीजेड में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 8 सितंबर 2016 को उद्योगों के विस्तार और नए उद्योग स्थापित करने के लिए एडहॉक मोरोटोरियम (तदर्थ रोक) लगाया था। इसे मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट के बीते 6 दिसंबर के आदेश के अनुक्रम में प्रोजेक्ट/एक्टिविटी से तदर्थ रोक को हटा दिया है।
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मंत्रालय के साइंटिस्ट (ई) योगेंद्र पाल सिंह ने इस संबंध में शुक्रवार को टीटीजेड अध्यक्ष/मंडलायुक्त आगरा को पत्र जारी कर अपने फैसले से अवगत करा दिया है।
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उन्होंने कहा है कि टीटीजेड में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 8 सितंबर 2016 को उद्योगों के विस्तार और नए उद्योग स्थापित करने के लिए एडहॉक मोरोटोरियम (तदर्थ रोक) लगाया था। इसे मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट के बीते 6 दिसंबर के आदेश के अनुक्रम में प्रोजेक्ट/एक्टिविटी से तदर्थ रोक को हटा दिया है।
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शुक्रवार को पर्यावरण मंत्रालय में हुई बैठक में इसका निर्णय लिया गया। बैठक के बाद जारी आदेश में कहा गया है कि टीटीजेड इलाके में 36 तरह के प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को छोड़कर नए उद्योगों को बढ़ावा दें, ताकि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके। साथ ही वहां पहले से चलने वाले उद्योगों की समीक्षा कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार नियमों का पालन कराएं।
सवा तीन साल से रुकी हैं परियोजनाएं
तदर्थ रोक से आगरा सहित टीटीजेड के छह जिलों में (मथुरा, फिरोजाबाद, एटा, हाथरस व भरतपुर) पिछले 39 महीने से विकास की बड़ी योजनाएं रुकी हुई थीं। टीटीजेड 10400 वर्ग किमी में फैला हुआ है।
सवा तीन साल से रुकी हैं परियोजनाएं
तदर्थ रोक से आगरा सहित टीटीजेड के छह जिलों में (मथुरा, फिरोजाबाद, एटा, हाथरस व भरतपुर) पिछले 39 महीने से विकास की बड़ी योजनाएं रुकी हुई थीं। टीटीजेड 10400 वर्ग किमी में फैला हुआ है।
इनका रास्ता साफ
- पेयजल आपूर्ति योजना
- सीवर व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
- ठोस कूड़ा व मेडिकल कचरा निस्तारण
- कूड़े से बिजली बनाने का प्लांट
- होटल व अस्पताल भी खोले जा सकेंगे
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण
आगरा मंडल के मंडलायुक्त अनिल कुमार ने कहा कि मंत्रालय के निर्देश मिल गए हैं। प्रोजेक्ट/एक्टिविटी से तदर्थ (अस्थायी) रोक हटा ली है। इससे टीटीजेड में विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। मंत्रालय के पत्र का विस्तृत अध्ययन कराया जाएगा।
- सीवर व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
- ठोस कूड़ा व मेडिकल कचरा निस्तारण
- कूड़े से बिजली बनाने का प्लांट
- होटल व अस्पताल भी खोले जा सकेंगे
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण
आगरा मंडल के मंडलायुक्त अनिल कुमार ने कहा कि मंत्रालय के निर्देश मिल गए हैं। प्रोजेक्ट/एक्टिविटी से तदर्थ (अस्थायी) रोक हटा ली है। इससे टीटीजेड में विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। मंत्रालय के पत्र का विस्तृत अध्ययन कराया जाएगा।