{"_id":"5f61a2898ebc3e4157112d99","slug":"engineer-engaged-in-engineering-of-social-reform","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"समाज सुधार की ‘इंजीनियरिंग’ भी जुटे अभियंता, सड़क के साथ श्मशान घाट को संवारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समाज सुधार की ‘इंजीनियरिंग’ भी जुटे अभियंता, सड़क के साथ श्मशान घाट को संवारा
Wed, 16 Sep 2020 11:00 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 16 Sep 2020 11:00 AM IST
सार
इंजीनियर उमेश शर्मा पर्यावरण संरक्षण पर काम कर रहे हैं। पौधे लगाते और लगवाते हैं, उनकी देखभाल करते हैं और दूसरों को जागरूक करते हैं। वह अब तक 2500 पौधे रोप चुके हैं।
विज्ञापन
शहर को संवारने में जुटे इंजीनियर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
किसी भी शहर के विकास में अभियंता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बुनियादी ढांचे को खड़ा करने में तो इनका योगदान रहता ही है, ताजनगरी में कुछ ऐसे अभियंता हैं, जो समाज सुधार की ‘इंजीनियरिंग’ कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहे हैं। हरियाली रोप रहे हैं। पानी को बचाने के लिए जागरूक कर रहे हैं। सड़क, यातायात व्यवस्था सुधारने में भी भूमिका निभा रहे हैं।
शहर में 2500 पौधे रोपे
इंजीनियर उमेश शर्मा पर्यावरण संरक्षण पर काम कर रहे हैं। पौधे लगाते और लगवाते हैं, उनकी देखभाल करते हैं और दूसरों को जागरूक करते हैं। वह अब तक 2500 पौधे रोप चुके हैं। वह जल संरक्षण पर भी काम कर रहे हैं। वह सरकारी योजनाओं के संबंध में उद्यमियों की समस्या का निदान भी करते हैं।
संवारा मल्ल का चबूतरा
अभियंता संजीव शर्मा शाहगंज स्थित मल्ल का चबूतरा सुधार समिति से जुड़े हैं। मल्ल का चबूतरा शमशान बेहद खराब स्थिति में था। कूड़ा पड़ा रहता था। उन्होंने इसे संवारा। 8000 मीटर में 100 पौधे लगाए, देखभाल की, आज ये पौधे वृक्ष बन गए हैं। जिनकी समाधियों यहां बनी हैं उनके परिजनों से बात करके समाधियों को अन्य जगह स्थानांतरित कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर में 2500 पौधे रोपे
इंजीनियर उमेश शर्मा पर्यावरण संरक्षण पर काम कर रहे हैं। पौधे लगाते और लगवाते हैं, उनकी देखभाल करते हैं और दूसरों को जागरूक करते हैं। वह अब तक 2500 पौधे रोप चुके हैं। वह जल संरक्षण पर भी काम कर रहे हैं। वह सरकारी योजनाओं के संबंध में उद्यमियों की समस्या का निदान भी करते हैं।
विज्ञापन
संवारा मल्ल का चबूतरा
अभियंता संजीव शर्मा शाहगंज स्थित मल्ल का चबूतरा सुधार समिति से जुड़े हैं। मल्ल का चबूतरा शमशान बेहद खराब स्थिति में था। कूड़ा पड़ा रहता था। उन्होंने इसे संवारा। 8000 मीटर में 100 पौधे लगाए, देखभाल की, आज ये पौधे वृक्ष बन गए हैं। जिनकी समाधियों यहां बनी हैं उनके परिजनों से बात करके समाधियों को अन्य जगह स्थानांतरित कराया।
विज्ञापन
बारिश का जल सहेज रहे
अजीत फौजदार वर्षा जल संचयन के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इमारत में वर्षा जल संचयन के लिए वह निशुल्क डिजाइन बनाकर देते हैं। कमिश्नरी, जिला जेल, स्टेडियम के लिए उन्होंने डिजाइन बनाया है। कुछ स्कूलों और आम लोगों के लिए भी उन्होंने निशुल्क सेवा दी है। वह वर्षा जल संचयन के लिए जागरूक भी कर रहे हैं।
घरों को टूटने से बचाया
पूर्व विधायक टीटीजेड के सदस्य इंजीनियर केशो मेहरा को ताजनगरी में उद्योगों के संरक्षण के लिए कार्य करने के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1996 ताज के 200 मीटर के दायरे में घर, दुकान आदि निर्माणों के मामले में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जनता का पक्ष रखा और निर्माणों को टूटने से बचाया। टीटीजेड के अंतर्गत नए उद्योगों पर लगी रोक को हटाने की दिशा में काम कर रहे हैं। विजन डॉक्यूमेंट को बेहतर बनाने पर भी उन्होंने काम किया है।
मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जन्मदिवस पर
अभियंता दिवस (इंजीनियर्स डे) 15 सितंबर को मनाया जाता हैं। यह दिन मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्मदिवस है। एक अच्छे अभियंता के रूप में सफल काम के लिए 1955 में उनको भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उनको आधुनिक भारत के विश्वकर्मा के रूप में जाना जाता है।
अजीत फौजदार वर्षा जल संचयन के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इमारत में वर्षा जल संचयन के लिए वह निशुल्क डिजाइन बनाकर देते हैं। कमिश्नरी, जिला जेल, स्टेडियम के लिए उन्होंने डिजाइन बनाया है। कुछ स्कूलों और आम लोगों के लिए भी उन्होंने निशुल्क सेवा दी है। वह वर्षा जल संचयन के लिए जागरूक भी कर रहे हैं।
घरों को टूटने से बचाया
पूर्व विधायक टीटीजेड के सदस्य इंजीनियर केशो मेहरा को ताजनगरी में उद्योगों के संरक्षण के लिए कार्य करने के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1996 ताज के 200 मीटर के दायरे में घर, दुकान आदि निर्माणों के मामले में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जनता का पक्ष रखा और निर्माणों को टूटने से बचाया। टीटीजेड के अंतर्गत नए उद्योगों पर लगी रोक को हटाने की दिशा में काम कर रहे हैं। विजन डॉक्यूमेंट को बेहतर बनाने पर भी उन्होंने काम किया है।
मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जन्मदिवस पर
अभियंता दिवस (इंजीनियर्स डे) 15 सितंबर को मनाया जाता हैं। यह दिन मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्मदिवस है। एक अच्छे अभियंता के रूप में सफल काम के लिए 1955 में उनको भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उनको आधुनिक भारत के विश्वकर्मा के रूप में जाना जाता है।