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Agra News: मानदेय नहीं मिलने से आत्महत्या के लिए मजबूर रोजगार सेवक
Wed, 11 Mar 2026 02:58 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Wed, 11 Mar 2026 02:58 AM IST
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राज्यसभा में बोलते सांसद रामजी लाल सुमन स्त्रोत स्वयं
- फोटो : संवाद
आगरा। राज्यसभा में ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान मंगलवार को समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में रोजगार सेवकों की स्थिति दयनीय है और मानदेय नहीं मिलने से आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर हैं।
सांसद सुमन ने सदन को बताया कि आगरा के उजरई गांव में रोजगार सेवक स्वदेश कुमार ने लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण जान दे दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में रोजगार सेवकों को मात्र दस हजार रुपये मानदेय मिलता है। वहीं कटौती के बाद हाथ में केवल 7,888 रुपये आते हैं। विडंबना यह है कि 18 महीनों से उन्हें यह राशि भी नहीं मिली है।
सुमन ने मनरेगा की खामियों को उजागर करते हुए कहा कि हरियाणा में मजदूरी चार सौ रुपये है, जबकि उत्तर प्रदेश में मात्र 252 रुपये, जो पूरी तरह अव्यावहारिक है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि योजनाओं की केवल घोषणा न हो, बल्कि प्रभावी निगरानी तंत्र बनाकर पात्रों तक लाभ भी पहुंचाया जाए।
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सांसद सुमन ने सदन को बताया कि आगरा के उजरई गांव में रोजगार सेवक स्वदेश कुमार ने लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण जान दे दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में रोजगार सेवकों को मात्र दस हजार रुपये मानदेय मिलता है। वहीं कटौती के बाद हाथ में केवल 7,888 रुपये आते हैं। विडंबना यह है कि 18 महीनों से उन्हें यह राशि भी नहीं मिली है।
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सुमन ने मनरेगा की खामियों को उजागर करते हुए कहा कि हरियाणा में मजदूरी चार सौ रुपये है, जबकि उत्तर प्रदेश में मात्र 252 रुपये, जो पूरी तरह अव्यावहारिक है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि योजनाओं की केवल घोषणा न हो, बल्कि प्रभावी निगरानी तंत्र बनाकर पात्रों तक लाभ भी पहुंचाया जाए।
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