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Agra News: जनगणना की ड्यूटी में गए कर्मचारी, अटके जन्म प्रमाणपत्र
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जन्म मृत्यु पंजीकरण प्रमाण पत्र के लिए नगर निगम में लगी कतार
आगरा। जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए नगर निगम में लोग परेशान घूम रहे हैं। सोमवार को हरीपर्वत जोन कार्यालय में प्रमाणपत्रों के लिए काउंटरों पर लंबी कतारें लगी रहीं। ऑनलाइन सर्वर ठप होने और ऑफलाइन आवेदनों के सत्यापन न होने के कारण लोग निगम में चक्कर काटते नजर आए।
जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों के साथ पूर्व में बने जन्म प्रमाणपत्रों पर बच्चों का नाम डलवाने के लिए लोग इन दिनों नगर निगम में परेशान हो रहे हैं। दरअसल, जनगणना कार्य में नगर निगम कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इससे प्रमाणपत्रों को बनाने का काम सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। सुपरवाइजरों और सेनेटरी इंस्पेक्टरों की ओर से प्रमाणपत्रों के आवेदन का सत्यापन का काम रुका हुआ है।
इसी तरह क्लर्कों की ड्यूटी भी जनगणना कार्य में लगाई गई है। सत्यापन के बाद इन पर अग्रिम कार्रवाई के लिए हस्ताक्षर होने में ही तीन से चार दिन का समय लग रहा है। सोमवार को काउंटरों के आगे लंबी कतारें लगी रहीं। प्रमाणपत्र बनवाने आए शरद सक्सेना ने बताया कि वह पांच बार आ चुके हैं लेकिन कर्मचारी ही नहीं है। जनगणना में ड्यूटी लगाने की बात कहकर सप्ताह भर बाद आने को कहा है। यही हाल रिजवान और नाज का था जो चार बार प्रमाणपत्र के लिए नगर निगम आ चुके हैं।
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पार्षद राकेश जैन ने बताया कि जनगणना में नगर निगम कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। इससे स्वच्छ सर्वेक्षण का काम प्रभावित होने के साथ जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों को बनवाने में कठिनाई आ रही है। पार्षद संजय राय ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन ही मुश्किल है। वेबसाइट ही काम नहीं करती। सर्वर बार-बार ठप हो जाता है। ऐसे में ऑफलाइन आवेदन करना मजबूरी है।
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जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों के साथ पूर्व में बने जन्म प्रमाणपत्रों पर बच्चों का नाम डलवाने के लिए लोग इन दिनों नगर निगम में परेशान हो रहे हैं। दरअसल, जनगणना कार्य में नगर निगम कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इससे प्रमाणपत्रों को बनाने का काम सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। सुपरवाइजरों और सेनेटरी इंस्पेक्टरों की ओर से प्रमाणपत्रों के आवेदन का सत्यापन का काम रुका हुआ है।
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इसी तरह क्लर्कों की ड्यूटी भी जनगणना कार्य में लगाई गई है। सत्यापन के बाद इन पर अग्रिम कार्रवाई के लिए हस्ताक्षर होने में ही तीन से चार दिन का समय लग रहा है। सोमवार को काउंटरों के आगे लंबी कतारें लगी रहीं। प्रमाणपत्र बनवाने आए शरद सक्सेना ने बताया कि वह पांच बार आ चुके हैं लेकिन कर्मचारी ही नहीं है। जनगणना में ड्यूटी लगाने की बात कहकर सप्ताह भर बाद आने को कहा है। यही हाल रिजवान और नाज का था जो चार बार प्रमाणपत्र के लिए नगर निगम आ चुके हैं।
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पार्षद राकेश जैन ने बताया कि जनगणना में नगर निगम कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। इससे स्वच्छ सर्वेक्षण का काम प्रभावित होने के साथ जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों को बनवाने में कठिनाई आ रही है। पार्षद संजय राय ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन ही मुश्किल है। वेबसाइट ही काम नहीं करती। सर्वर बार-बार ठप हो जाता है। ऐसे में ऑफलाइन आवेदन करना मजबूरी है।