ताजनगरी में जहरीली हवा पर लागू हुई ‘इमरजेंसी’, एक्शन प्लान का देखना होगा असर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ताजमहल के शहर में बेहद घातक स्तर पर पहुंच चुके प्रदूषण से ‘एयर इमरजेंसी’ जैसे हालात हैं। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की ताजा रिपोर्ट आने के बाद आगरा समेत प्रदेश के पांच महानगरों में एक्शन प्लान बनाया है, जिसमें प्रदूषण स्तर में बढ़ोत्तरी के आधार पर बंदिशों को लगाया गया है।
खतरनाक पीएम 2.5 कणों की संख्या जैसे-जैसे बढ़ती जाएगी, वैसे वैसे शहरी सीमा में प्रतिबंध लगते जाएंगे। पीएम कण 300 माइक्रोग्राम से ज्यादा होने पर इमरजेंसी घोषित कर दी जाएगी। दिल्ली में बीते साल ही ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी ग्रेप लागू किया गया है। आगरा, कानपुर, वाराणसी, मुरादाबाद और लखनऊ में प्रदूषण के खतरनाक हालात देखते हुए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पांचों शहरों के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है।
उसके मुताबिक अगर लगातार दो दिन यानी 48 घंटे तक शहर में पीएम 2.5 कणों की संख्या 300 से ज्यादा रहती है तो स्वत: इमरजेंसी लागू कर दी जाएगी। आगरा में एक सप्ताह से पीएम कणों की संख्या 400 से 450 के बीच बनी हुई है।
स्कूलों में छुट्टी पर फैसला लेंगे डीएम
पीएम कणों की संख्या बढ़ने पर ट्रकों पर रोक से लेकर शहरी सीमा के स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा। ट्रक रोकने की जिम्मेदारी आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस की है, तो वहीं निर्माण कार्यों पर तुरंत रोक नगर निगम, एडीए, पीडब्ल्यूडी और आवास विकास की टीम लगाएगी। बिल्डिंग मटेरियल का आवागमन भी रोक दिया जाएगा, जिसमें नेशनल हाइवे अथॉरिटी को भी शामिल किया गया है।
डीएम, नगर निगम, एडीए और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को यह अधिकार होगा कि वह खुले में रखी निर्माण सामग्री को जब्त कर लें। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग स्कूल बंद करने का फैसला लेंगे।
एनएच को जारी किया गया सेक्शन 5 का नोटिस
ताजनगरी को जहरीले स्मॉग के चैंबर में कैद करने का सबसे ज्यादा दोषी नेशनल हाइवे अथॉरिटी है, जिसने प्रदूषण नियंत्रण के किसी मानक का पालन ही नहीं किया। एक दो नहीं, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पांच बार चेतावनी और शिकायत के बाद भी नेशनल हाइवे के अफसरों ने धूल पर नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव तक नहीं किया। ताज ट्रिपेजियम जोन अथॉरिटी के चेयरमैन को मिले विशेष अधिकार के तहत दो दिन पहले ही जांच रिपोर्ट के बाद सेक्शन 5 का नोटिस नेशनल हाइवे को जारी किया गया है। इस नोटिस के बाद नेशनल हाइवे अथॉरिटी के निर्माण कार्य कभी भी बंद कराए जा सकते हैं।
450 पहुंची पीएम कणों की संख्या
बुधवार को संजय प्लेस स्थित केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ऑटोमेटिक स्टेशन के आंकड़ों के मुताबिक, आगरा में पीएम 2.5 कणों की संख्या मानक से 8 गुना ज्यादा यानी 450 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर पर पहुंच चुकी है। नाइट्रोजन डाइक्साइड पांच गुने से ज्यादा 161 पर है वहीं कार्बन मोनोक्साइड की मात्रा 112 पर रही जो मानक से 33 गुना ज्यादा है।
सुबह की सैर से बचें शहर के लोग
शहर में प्रदूषण के हालात बेहद खराब हैं। सुबह की सैर को स्वास्थ्य की कुंजी मानने वालों के लिए इन दिनों टहलना घातक है। सुबह 4 बजे भी पीएम कणों की संख्या मानक से तीन गुना ज्यादा यानी 200 के पार रही। दोपहर में तो प्रदूषण तत्वों की मात्रा कई गुना ज्यादा बनी रही। शहर के चिकित्सकों ने भी सुबह स्मॉग छाए रहने के कारण सैर की मनाही की है।
इमरजेंसी में उठाए जाएंगे यह कदम
- निगम सीमा में निर्माण कार्यो पर तुरंत रोक
- बिल्डिंग मटेरियल के आवागमन पर भी रोक
- सड़कों की खोदाई, खनन गतिविधियों पर रोक
- बिटुमिन गर्म करने और ऐसी पोर्टेबल मशीनों पर रोक
- फायर बिग्रेड की मदद से पानी का छिड़काव
- खुले में पड़ी निर्माण सामग्री को तुरंत सीज करना
- स्कूलों को बंद करने का फैसला टास्क फोर्स करेगा