आगरा: पापा ताऊ के पास नहीं लेकर गए तो आठ वर्षीय बेटे ने रच दी अपने अपहरण की कहानी
उत्तर प्रदेश के आगरा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां आठ साल के बालक ने अपने अपहरण की कहानी रच डाली। जब सच सामने आया तो परिवार के साथ-साथ पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।
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आगरा के कमला नगर क्षेत्र में आठ साल का बालक अपने पिता से नाराज होकर घर से चला गया। परिजनों ने बालक के गायब होने की खबर पुलिस को दी। पुलिस उसकी खोजबीन में जुट गई। इस बीच तीज नगर चौक पर बालक मिल गया। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने अपने अपहरण की कहानी बता दी, लेकिन जब पुलिस ने गहराई से जांच की तो मामला कुछ और ही निकला।
इंस्पेक्टर नरेंद्र शर्मा ने बताया कि रविवार रात करीब 7:30 बजे आठ साल का बालक नटराज पुरम स्थित अपने घर से चला गया था। उसके पिता ने श्रीराम चौक पर बालक की जाने की सूचना दी थी। इस पर पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए तीज नगर चौक से बालक को सकुशल अपने साथ लिया।
बालक ने बताई थी यह कहानी
बालक से पूछने पर उसने बताया कि एक आदमी मास्क पहने था, मुझे उसने हाथ में सुई लगाई और सिर के पीछे कुछ मारा। इसके बाद मुझे गाड़ी की डिग्गी में डालकर कहीं ले गए। इसके बाद मैंने डिग्गी को खटखटाया तो डिग्गी अचानक खुल गई और मैं निकल कर भाग आया। बच्चे के बयानों पुलिस को शक हुआ।
पुलिस ने घर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज देखे तो उनमें बच्चा अकेला जाता दिखाई दिया। इस पर पुलिस ने दोबारा बच्चे से पूछताछ की तो उसने पूरा सच बता दिया। बच्चे ने बताया कि उसके पापा छोटे भाई को ताऊ के यहां ले गए थे, मुझे छोड़ गए थे। इस पर वह नाराज होकर घर से निकल गया था। आगे जाकर रास्ता भूल गया।
इंस्पेक्टर नरेंद्र शर्मा ने पूछा कि पुलिस को इस तरीके की कहानी क्यों सुनाई। इस पर उसने कहा कि सीआईडी सीरियल से यह आइडिया आया। पूछताछ के बाद पुलिस ने बच्चे को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। उनको हिदायत दी गई कि बच्चे से नाराज होकर कोई काम या कोई बात ना करें। बता दें कि बच्च के पिता की फैक्टरी है।