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फर्जी डिग्री वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की राह हुई आसान, शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय को भेजी सूची
Sat, 08 Feb 2020 03:29 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 08 Feb 2020 03:29 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीएड सत्र 2004-05 का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों पर कार्रवाई की राह आसान हो गई है। विशेष जांच टीम (एसआईटी) की संशोधित सूची के आधार पर जिले में 249 शिक्षक तलाशे गए हैं। इनकी सूची विभाग ने विश्वविद्यालय को प्रमाणित करने के लिए भेजी है।
बेसिक शिक्षा विभाग और शासन से फर्जी शिक्षकों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी जा रही है। चिह्नित शिक्षकों के दस्तावेज विभाग के पास नहीं है, इससे कार्रवाई नहीं हो पा रही। आठ अक्तूबर 2019 को बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) कार्यालय में हुए अग्निकांड के बाद से शिक्षकों के दस्तावेज सील कक्ष में रखे हुए हैं।
बीएसए ने चिह्नित शिक्षकों से दस्तावेज मांगे हैं, लेकिन कोई दे नहीं रहा है। 23 जनवरी को बीएसए ने प्रकरण में विश्वविद्यालय के कुलसचिव से मुलाकात की थी। चिह्नित 249 शिक्षकों की सूची को प्रमाणित करने के लिए कहा। उस समय तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले में निर्णय नहीं लिया था।
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बेसिक शिक्षा विभाग और शासन से फर्जी शिक्षकों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी जा रही है। चिह्नित शिक्षकों के दस्तावेज विभाग के पास नहीं है, इससे कार्रवाई नहीं हो पा रही। आठ अक्तूबर 2019 को बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) कार्यालय में हुए अग्निकांड के बाद से शिक्षकों के दस्तावेज सील कक्ष में रखे हुए हैं।
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बीएसए ने चिह्नित शिक्षकों से दस्तावेज मांगे हैं, लेकिन कोई दे नहीं रहा है। 23 जनवरी को बीएसए ने प्रकरण में विश्वविद्यालय के कुलसचिव से मुलाकात की थी। चिह्नित 249 शिक्षकों की सूची को प्रमाणित करने के लिए कहा। उस समय तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले में निर्णय नहीं लिया था।
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अब विश्वविद्यालय ने 2824 अभ्यर्थियों के अंकपत्रों को फर्जी मान लिया है। बाकी 813 पर 21 दिन के अंदर निर्णय लिया जाना है। इससे बेसिक शिक्षा विभाग का काम आसान हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों पर निर्णय लिया जा चुका है, उनका सत्यापन कर दिया जाएगा।
सूची प्रमाणित होने के बाद कार्रवाई
बीएसए राजीव कुमार यादव ने बताया कि एसआईटी की सूची के आधार पर जिले में चिह्नित शिक्षकों की सूची रजिस्टर्ड डाक से विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रमाणित करने के लिए भेजी गई है। अगले हफ्ते प्रकरण में विश्वविद्यालय के अधिकारियों से मुलाकात भी की जाएगी। सूची प्रमाणित होने के बाद कार्रवाई में आसानी हो जाएगी।
सूची प्रमाणित होने के बाद कार्रवाई
बीएसए राजीव कुमार यादव ने बताया कि एसआईटी की सूची के आधार पर जिले में चिह्नित शिक्षकों की सूची रजिस्टर्ड डाक से विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रमाणित करने के लिए भेजी गई है। अगले हफ्ते प्रकरण में विश्वविद्यालय के अधिकारियों से मुलाकात भी की जाएगी। सूची प्रमाणित होने के बाद कार्रवाई में आसानी हो जाएगी।