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अपराजिता देवी, शमी वृक्ष की पूजा कर राम ने किया था रावण का वध, जानिए क्या है मान्यता
Tue, 08 Oct 2019 09:29 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 08 Oct 2019 09:29 AM IST
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dussehra 2019
- फोटो : अमर उजाला
विजयदशमी पर्व पर शमी वृक्ष की पूजा और नीलकंठ पक्षी के दर्शन करने से सभी कार्य शुभफलदायी होते हैं। इस बार विजयदशमी का श्रवण नक्षत्र में होना अति शुभकारक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार दशहरा के दिन ही भगवान राम ने लंका के राजा रावण पर विजय प्राप्त की थी।
मथुरा के दीपक ज्योति भागवत संस्थान के ज्योतिषाचार्य आचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि आश्विन मास शुक्ल पक्ष दशमी तिथि में अपराजिता देवी तथा शमी वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है। त्रेता युग में भगवान श्रीराम ने भी अपराजिता देवी एवं शमी वृक्ष की पूजा की थी, जिसके चलते रावण के ऊपर विजय प्राप्त हुई।
उन्होंने बताया कि इस बार दशहरा के दिन पंचक नहीं है। धर्म सिंधु आदि ग्रंथों के अनुसार विजय दशमी पर श्रवण नक्षत्र का होना श्रेष्ठ माना गया है। श्रवण नक्षत्र राष्ट्र के लिए शुभ होता है।
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मथुरा के दीपक ज्योति भागवत संस्थान के ज्योतिषाचार्य आचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि आश्विन मास शुक्ल पक्ष दशमी तिथि में अपराजिता देवी तथा शमी वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है। त्रेता युग में भगवान श्रीराम ने भी अपराजिता देवी एवं शमी वृक्ष की पूजा की थी, जिसके चलते रावण के ऊपर विजय प्राप्त हुई।
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उन्होंने बताया कि इस बार दशहरा के दिन पंचक नहीं है। धर्म सिंधु आदि ग्रंथों के अनुसार विजय दशमी पर श्रवण नक्षत्र का होना श्रेष्ठ माना गया है। श्रवण नक्षत्र राष्ट्र के लिए शुभ होता है।
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द्वापर युग में अर्जुन ने की थी पूजा
साहित्याचार्य शरद चतुर्वेदी ने बताया कि द्वापर युग में अर्जुन ने भी शमी वृक्ष की पूजा की थी और अपने हथियार शमी वृक्ष के पास रखकर तपस्या करने के लिए चले गए। इसके बाद उन्होंने महाभारत के युद्ध में विजय श्री प्राप्त की।
मान्यता है कि दशहरा के दिन यदि किसी को नीलकंठ नाम का पक्षी दिख जाए तो काफी शुभ होता है। कहा जाता है कि नीलकंठ भगवान शिव का प्रतीक है जिनके दर्शन से सौभाग्य और पुण्य की प्राप्ति होती है। दशहरा के दिन गंगा स्नान करने का फल कई गुना बढ़ जाता है।
मान्यता है कि दशहरा के दिन यदि किसी को नीलकंठ नाम का पक्षी दिख जाए तो काफी शुभ होता है। कहा जाता है कि नीलकंठ भगवान शिव का प्रतीक है जिनके दर्शन से सौभाग्य और पुण्य की प्राप्ति होती है। दशहरा के दिन गंगा स्नान करने का फल कई गुना बढ़ जाता है।