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नवीन मंडी में ध्वस्त कराए अवैध कब्जे
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11एमएनपी-20-नवीन मंडी में अवैध दुकानों को हटाती जेसीबी
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। नवीन मंडी में मंगलवार को एक बार फिर अवैध दुकानों पर कार्रवाई शुरू हो गई। दोपहर बाद मंडी प्रशासन ने 12 से अधिक बांस व टिनशेड की दुकानों को ध्वस्त करा दिया।
शासन के आदेश पर नवीन मंडी में अतिक्रमण कर बनाई गई अवैध दुकानों को हटाया जाना है। मैनपुरी की मंडी में अवैध पक्की दुकानों की संख्या पूरे मंडल में सबसे अधिक है। शनिवार को मंडी प्रशासन ने इन दुकानों पर कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद सोमवार को कोई कार्रवाई नहीं हुई तो आढ़तियों ने दुकानें हटाना बंद कर दिया। इसे अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर पर संज्ञान लेकर मंडी सचिव प्रदीप कुमार दोपहर बाद जेसीबी के साथ पहुंचे। उन्होंने 12 से अधिक टट्टर और टिनशेड की दुकानों को ध्वस्त करा दिया। इससे आढ़तियों में खलबली मच गई। उन्होंने दोबारा खुद ही दुकानें हटाना शुरू कर दिया। इसके बाद मंडी प्रशासन ने कार्रवाई बंद कर दी। हालांकि मंडी प्रशासन इस पर नजर बनाए रहा कि आढ़ती खुद दुकानें हटा रहे हैं या नहीं।
आढ़ती मांग रहे मोहलत
नवीन मंडी में कार्रवाई शुरू होने के बाद अब आढ़ती मंडी सचिव से मोहलत मांग रहे हैं लेकिन उन्हें मोहलत दिया जाना अब संभव नहीं है। दरअसल मंडी प्रशासन 15 दिन पहले ही इन दुकानों को हटाने के लिए चेतावनी दे चुका था, इसके बाद भी आढ़तियों ने अपनी दुकानें नहीं हटाईं। ऐसे में अब दोबारा समय नहीं दिया जाएगा।
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कैसे हटेंगी अवैध पक्की दुकानें
नवीन मंडी में बांस और टिनशेड से बनी अवैध दुकानों को तो हटाया जा रहा है, लेकिन पक्की दुकानों को हटाने में अब तक मंडी प्रशासन कोई पहल नहीं कर रहा है। नवीन मंडी में 50 पक्की अवैध दुकानें हैं। इन दुकानों में व्यापार करने वाले आढ़तियों को भी कार्रवाई का कोई डर नहीं है।
लगातार अवैध दुकानें हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन के सहयोग से जल्द ही पक्की दुकानों को भी हटाया जाएगा।
प्रदीप कुमार, मंडी सचिव।
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शासन के आदेश पर नवीन मंडी में अतिक्रमण कर बनाई गई अवैध दुकानों को हटाया जाना है। मैनपुरी की मंडी में अवैध पक्की दुकानों की संख्या पूरे मंडल में सबसे अधिक है। शनिवार को मंडी प्रशासन ने इन दुकानों पर कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद सोमवार को कोई कार्रवाई नहीं हुई तो आढ़तियों ने दुकानें हटाना बंद कर दिया। इसे अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर पर संज्ञान लेकर मंडी सचिव प्रदीप कुमार दोपहर बाद जेसीबी के साथ पहुंचे। उन्होंने 12 से अधिक टट्टर और टिनशेड की दुकानों को ध्वस्त करा दिया। इससे आढ़तियों में खलबली मच गई। उन्होंने दोबारा खुद ही दुकानें हटाना शुरू कर दिया। इसके बाद मंडी प्रशासन ने कार्रवाई बंद कर दी। हालांकि मंडी प्रशासन इस पर नजर बनाए रहा कि आढ़ती खुद दुकानें हटा रहे हैं या नहीं।
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आढ़ती मांग रहे मोहलत
नवीन मंडी में कार्रवाई शुरू होने के बाद अब आढ़ती मंडी सचिव से मोहलत मांग रहे हैं लेकिन उन्हें मोहलत दिया जाना अब संभव नहीं है। दरअसल मंडी प्रशासन 15 दिन पहले ही इन दुकानों को हटाने के लिए चेतावनी दे चुका था, इसके बाद भी आढ़तियों ने अपनी दुकानें नहीं हटाईं। ऐसे में अब दोबारा समय नहीं दिया जाएगा।
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कैसे हटेंगी अवैध पक्की दुकानें
नवीन मंडी में बांस और टिनशेड से बनी अवैध दुकानों को तो हटाया जा रहा है, लेकिन पक्की दुकानों को हटाने में अब तक मंडी प्रशासन कोई पहल नहीं कर रहा है। नवीन मंडी में 50 पक्की अवैध दुकानें हैं। इन दुकानों में व्यापार करने वाले आढ़तियों को भी कार्रवाई का कोई डर नहीं है।
लगातार अवैध दुकानें हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन के सहयोग से जल्द ही पक्की दुकानों को भी हटाया जाएगा।
प्रदीप कुमार, मंडी सचिव।