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11 वर्ष में ट्रैक पर नहीं आ सकी आगरा मेट्रो, कुछ ऐसा रहा है सफर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 06 Jun 2018 01:24 PM IST
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ताजनगरी में मेट्रो ट्रेन चलाने की डीपीआर को प्रदेश सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद ही भाजपा नेताओं में श्रेय लेने की होड़ मच गई थी। शहर में चारों ओर होर्डिंग लग गए थे।
दावा किया जा रहा था कि अगस्त में मेट्रो योजना का शिलान्यास हो जाएगा और 2025 तक शहर में मेट्रो दौड़ने लगेगी, लेकिन केंद्र सरकार ने बड़ा झटका दिया है। अब नये सिरे से डीपीआर बनानी होगी।
आगरा में मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना 2007 में बननी प्रारंभ हुई थी। तब केंद्र की कांग्रेस सरकार ने जवाहर लाल नेहरू अरबन रिन्यूअल मिशन के तहत यातायात व्यवस्था के संबंध में प्रस्ताव दिया था।
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दावा किया जा रहा था कि अगस्त में मेट्रो योजना का शिलान्यास हो जाएगा और 2025 तक शहर में मेट्रो दौड़ने लगेगी, लेकिन केंद्र सरकार ने बड़ा झटका दिया है। अब नये सिरे से डीपीआर बनानी होगी।
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आगरा में मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना 2007 में बननी प्रारंभ हुई थी। तब केंद्र की कांग्रेस सरकार ने जवाहर लाल नेहरू अरबन रिन्यूअल मिशन के तहत यातायात व्यवस्था के संबंध में प्रस्ताव दिया था।
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- फोटो : अमर उजाला
तब मेट्रो, मोनो और आगरा में एमजी रोड पर एलीवेटिड रोड के प्रस्ताव पर काम शुरू हुआ था लेकिन तीनों ही प्रोजेक्ट फिजिकल नहीं पाए गए। अखिलेश सरकार ने 2013 से मेट्रो की योजना पर काम शुरू हुआ।
2016 तक राइट्स संस्था ने डीपीआर तैयार कर दी। अखिलेश सरकार गई तो मामला खटाई में पड़ते दिख रहा था। सरकार बदली प्रदेश के कई शहरों को मिलाकर एलएमआरसी को इन शहरों में मेट्रो चलाने का जिम्मा दिया गया।
कुछ संशोधन के बाद डीपीआर दोबारा बनी और पीपीपी मोड पर डीपीआर को योगी सरकार ने स्वीकृति दे दी। अब केंद्र ने पीपीपी मोड को नकार दिया है। नए सिरे से डीपीआर बनाने को कहा है।
2016 तक राइट्स संस्था ने डीपीआर तैयार कर दी। अखिलेश सरकार गई तो मामला खटाई में पड़ते दिख रहा था। सरकार बदली प्रदेश के कई शहरों को मिलाकर एलएमआरसी को इन शहरों में मेट्रो चलाने का जिम्मा दिया गया।
कुछ संशोधन के बाद डीपीआर दोबारा बनी और पीपीपी मोड पर डीपीआर को योगी सरकार ने स्वीकृति दे दी। अब केंद्र ने पीपीपी मोड को नकार दिया है। नए सिरे से डीपीआर बनाने को कहा है।
हर नेता ले रहा था श्रेय
सांसद रामशंकर कठेरिया ने तो सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मेट्रो रेल की योजना को अपने कार्यकाल के 40 महत्वपूर्ण कार्यों में गिनाया था। उन्होंने भी कहा था कि मेट्रो का शिलान्यास जल्द होगा।
इससे पहले चारों विधायकों, जिलाध्यक्ष, शहर अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों और उनके समर्थकों ने पूरे शहर को होर्डिंगों से पाट दिया था। तमाम छुटभैया नेता भी होर्डिंग पर मेट्रो चला रहे थे।
विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने भी कह दिया था कि चुनावी वर्ष के चलते अगस्त माह में योजना का शिलान्यास हो सकता है।पीएसी परिसर की पैमाइश हो चुकी थी।
यहां करीब 23.02 एकड़ जमीन पर मेट्रो का पहला कारीडोर बनना था। पीएसी को कीठम के पास शिफ्ट करने का खाका तैयार हो चुका था। यहां करीब 35 एकड़ जमीन चिह्नित हो चुकी थी।
इससे पहले चारों विधायकों, जिलाध्यक्ष, शहर अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों और उनके समर्थकों ने पूरे शहर को होर्डिंगों से पाट दिया था। तमाम छुटभैया नेता भी होर्डिंग पर मेट्रो चला रहे थे।
विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने भी कह दिया था कि चुनावी वर्ष के चलते अगस्त माह में योजना का शिलान्यास हो सकता है।पीएसी परिसर की पैमाइश हो चुकी थी।
यहां करीब 23.02 एकड़ जमीन पर मेट्रो का पहला कारीडोर बनना था। पीएसी को कीठम के पास शिफ्ट करने का खाका तैयार हो चुका था। यहां करीब 35 एकड़ जमीन चिह्नित हो चुकी थी।