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एक्सक्लूसिव: उत्तरी बाईपास की बाधा दूर, तीन साल बाद डीपीआर मंजूर
Thu, 19 Nov 2020 11:40 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 19 Nov 2020 11:40 AM IST
सार
- दक्षिणी बाईपास से सीधे यमुना एक्सप्रेसवे जा सकेंगे
- दिसंबर में शुरू किया जाएगा भूमि अधिग्रहण का काम
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बाईपास (फाइल फोटो)
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विस्तार
राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर प्रस्तावित उत्तरी बाईपास की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तीन साल बाद बनकर तैयार हो सकी है। इसे शासन की स्वीकृति भी मिल गई है। इसके बाद तकनीकी परीक्षण के लिए विशेषज्ञों की टीम के पास स्क्रूटनी के लिए भेजा गया है। टीम की मुहर लगने के बाद एनएचआई 14 किलोमीटर लंबे उत्तरी बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण का काम शुरू करेगा।
दिल्ली-आगरा रोड (एनएच-2) को अलीगढ़ रोड (एनएच-93) से जोड़ने के लिए उत्तरी बाईपास की योजना तैयार की गई थी। इसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 10 दिसंबर 2016 को थी लेकिन तब से हाईवे अथॉरिटी तीन साल बाद इसकी डीपीआर तैयार कर सकी है। पहली डीपीआर में खामियां निकलने के कारण उसे निरस्त किया जा चुका है।
उत्तरी बाईपास के निर्माण के लिए फरह मथुरा से लेकर रुनकता के आसपास की जमीनों का अधिग्रहण किया जाना है। उत्तरी बाईपास की डीपीआर दिल्ली की फर्म ने तैयार की है, जिसे तकनीकी परीक्षण के लिए भेजा गया है। अगले माह से भूमि अधिग्रहण का काम शुरू किया जाएगा।
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दिल्ली-आगरा रोड (एनएच-2) को अलीगढ़ रोड (एनएच-93) से जोड़ने के लिए उत्तरी बाईपास की योजना तैयार की गई थी। इसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 10 दिसंबर 2016 को थी लेकिन तब से हाईवे अथॉरिटी तीन साल बाद इसकी डीपीआर तैयार कर सकी है। पहली डीपीआर में खामियां निकलने के कारण उसे निरस्त किया जा चुका है।
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उत्तरी बाईपास के निर्माण के लिए फरह मथुरा से लेकर रुनकता के आसपास की जमीनों का अधिग्रहण किया जाना है। उत्तरी बाईपास की डीपीआर दिल्ली की फर्म ने तैयार की है, जिसे तकनीकी परीक्षण के लिए भेजा गया है। अगले माह से भूमि अधिग्रहण का काम शुरू किया जाएगा।
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इनर रिंग रोड की अधूरी सड़क भी बनेगी
इनर रिंग रोड को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए यहां आठ किलोमीटर के हिस्से में सड़क भी बनाई जानी है। एनएचएआई (आगरा खंड) के परियोजना निदेशक अरुण कुमार यादव ने बताया कि उत्तरी बाईपास के बनाए जाने से पहले आठ किमी लंबी इस सड़क का निर्माण भी कराया जाएगा। इससे यहां एक रिंग बन जाएगी।
जनवरी में शुरू होगा निर्माण कार्य
उत्तरी बाईपास की डीपीआर को स्वीकृति मिल चुकी है। अब इसे तकनीकी टीम को भेजा गया है। वर्ष 2021 में हाईवे अथॉरिटी की प्राथमिकता उत्तरी बाईपास का निर्माण कराना है। दिसंबर में कंपनी के चयन के बाद भूमि अधिग्रहण शुरू किया जाएगा। - अरुण कुमार यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआई (आगरा खंड)
दिल्ली से आने वाले वाहन शहर के अंदर नहीं आएंगे
बाईपास का निर्माण फरह के पास से शुरू होगा। एक तरफ दक्षिणी बाईपास से जुड़ेगा। दूसरी ओर कुबेरपुर इंटरचेंज से जुड़ेगा। इससे यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इनररिंग रोड से भी जुड़ जाएगा। इनररिंग रोड यमुना और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को जोड़ता है। इससे दिल्ली से कानपुर, ग्वालियर या राजस्थान की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के भीतर नहीं आना पड़ेगा।
इनर रिंग रोड को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए यहां आठ किलोमीटर के हिस्से में सड़क भी बनाई जानी है। एनएचएआई (आगरा खंड) के परियोजना निदेशक अरुण कुमार यादव ने बताया कि उत्तरी बाईपास के बनाए जाने से पहले आठ किमी लंबी इस सड़क का निर्माण भी कराया जाएगा। इससे यहां एक रिंग बन जाएगी।
जनवरी में शुरू होगा निर्माण कार्य
उत्तरी बाईपास की डीपीआर को स्वीकृति मिल चुकी है। अब इसे तकनीकी टीम को भेजा गया है। वर्ष 2021 में हाईवे अथॉरिटी की प्राथमिकता उत्तरी बाईपास का निर्माण कराना है। दिसंबर में कंपनी के चयन के बाद भूमि अधिग्रहण शुरू किया जाएगा। - अरुण कुमार यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआई (आगरा खंड)
दिल्ली से आने वाले वाहन शहर के अंदर नहीं आएंगे
बाईपास का निर्माण फरह के पास से शुरू होगा। एक तरफ दक्षिणी बाईपास से जुड़ेगा। दूसरी ओर कुबेरपुर इंटरचेंज से जुड़ेगा। इससे यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इनररिंग रोड से भी जुड़ जाएगा। इनररिंग रोड यमुना और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को जोड़ता है। इससे दिल्ली से कानपुर, ग्वालियर या राजस्थान की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के भीतर नहीं आना पड़ेगा।