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दहेज हत्या के दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा
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कासगंज। अपर जिला सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय 2 कृष्ण लीला यादव के न्यायालय ने दहेज हत्या के दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, सास व जेठ को 10-10 साल की सजा सुनाई है। तीनों ही आरोपियों पर 90 हजार रुपये का जुर्माना भी कोर्ट ने लगाया है।
एटा के सकीट नैनपुर निवासी मुन्नी देवी पुत्री हरी सिंह की शादी 10 जून 2009 को प्रदीप पुत्र जुगल किशोर निवासी मुनीर नगर अमांपुर के साथ हुई थी। ससुरालीजन ने दहेज की खातिर 20 अगस्त 2009 को उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इस मामले में पति सहित अन्य ससुरालीजन के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना करने के बाद पत्रावली न्यायालय में पेश कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार यादव ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने पति प्रदीप को धारा 304 बी के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि जेठ प्रदीप व सास चित्रावती को 10-10 साल की सजा सुनाई गई है। वहीं, धारा 498 ए में तीनों दोषियों को 2-2 साल की सजा व 5-5 हजार रुपये का जुर्माना और धारा 4 में 1-1 साल की सजा और 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सभी सजा एक साथ चलेंगी।
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एटा के सकीट नैनपुर निवासी मुन्नी देवी पुत्री हरी सिंह की शादी 10 जून 2009 को प्रदीप पुत्र जुगल किशोर निवासी मुनीर नगर अमांपुर के साथ हुई थी। ससुरालीजन ने दहेज की खातिर 20 अगस्त 2009 को उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इस मामले में पति सहित अन्य ससुरालीजन के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना करने के बाद पत्रावली न्यायालय में पेश कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार यादव ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने पति प्रदीप को धारा 304 बी के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि जेठ प्रदीप व सास चित्रावती को 10-10 साल की सजा सुनाई गई है। वहीं, धारा 498 ए में तीनों दोषियों को 2-2 साल की सजा व 5-5 हजार रुपये का जुर्माना और धारा 4 में 1-1 साल की सजा और 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सभी सजा एक साथ चलेंगी।
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