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डोर-टू डोर कूड़ाः घोटालेबाज कंपनियों ने अधिकारियों के नियम किए तार-तार, निगम अफसरों पर लगे आरोप
Wed, 15 Jul 2020 01:07 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 15 Jul 2020 01:07 AM IST
सार
झांसी में काम कर रही हैं चारों कंपनियां, सदन में तय हुआ था अन्य निगमों को दी जाएगी घोटाले की जानकारी
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विस्तार
डोर टू डोर कूड़ा घोटाले में नगर निगम ने एफआईआर तो दर्ज करा दी लेकिन सदन की ओर से ब्लैक लिस्ट किए जाने की जानकारी प्रदेश के किसी भी नगर निगम को नहीं दी। घोटालेबाज चारों कंपनियां झांसी में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कर रही हैं। नगर निगम सदन में तय बातों को अधिकारियों ने हवा में उड़ा दिया।
यह आरोप सदन में डोर टू डोर कूड़ा घोटाले को रखने वाले पार्षदों का है। व्हिसिल ब्लोअर पार्षद रवि माथुर का आरोप है कि नगर निगम सदन में मेयर नवीन जैन ने तय किया था कि घोटालेबाज चारों कंपनियों का करार निरस्त होने के साथ यह कंपनियां जहां भी काम कर रही हैं, उन सभी नगर निगमों को पत्र लिखकर इनके खेल की जानकारी दी जाएगी।
कंपनियां झांसी में काम कर रही हैं लेकिन वहां सूचित नहीं किया गया। नगर निगम के अधिकारियों ने कंपनियों को बचाने का पूरा खेल रचा है, जिसके तहत उनके खिलाफ कार्रवाई में लगातार देरी हो रही है।
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यह आरोप सदन में डोर टू डोर कूड़ा घोटाले को रखने वाले पार्षदों का है। व्हिसिल ब्लोअर पार्षद रवि माथुर का आरोप है कि नगर निगम सदन में मेयर नवीन जैन ने तय किया था कि घोटालेबाज चारों कंपनियों का करार निरस्त होने के साथ यह कंपनियां जहां भी काम कर रही हैं, उन सभी नगर निगमों को पत्र लिखकर इनके खेल की जानकारी दी जाएगी।
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कंपनियां झांसी में काम कर रही हैं लेकिन वहां सूचित नहीं किया गया। नगर निगम के अधिकारियों ने कंपनियों को बचाने का पूरा खेल रचा है, जिसके तहत उनके खिलाफ कार्रवाई में लगातार देरी हो रही है।
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पार्षद राकेश जैन का भी यही कहना है। उनके मुताबिक 2.82 करोड़ का घोटाला दिखाकर कंपनियों को बचाने की साजिश रची जा रही है, जबकि नगर निगम सदन में जांच कमेटी ने 22 करोड़ का घोटाला करार दिया था। ये घोटाला उससे कहीं ज्यादा का है।
इसी तरह से कंपनियां ताजगंज के सफाई ठेके में घोटाला कर रही हैं। यहां हर महीने 26.50 लाख रुपये का भुगतान बीवीजी कंपनी को किया जा रहा है। 4 महीने से ताजगंज में ताजमहल बंद होने से सफाई ठप पड़ी है।
इसी तरह से कंपनियां ताजगंज के सफाई ठेके में घोटाला कर रही हैं। यहां हर महीने 26.50 लाख रुपये का भुगतान बीवीजी कंपनी को किया जा रहा है। 4 महीने से ताजगंज में ताजमहल बंद होने से सफाई ठप पड़ी है।