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मुन्ना बजरंगी हत्याकांड में सामने आया चौंकाने वाला सच, इस रिपोर्ट को देख पुलिस हैरान
चंद्रमोहन शर्मा, अमर उजला, आगरा
Updated Sat, 22 Sep 2018 05:55 AM IST
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Munna Bajrangi
- फोटो : अमर उजाला
बागपत जेल में नौ जुलाई की सुबह की गई पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या में एक नहीं, बल्कि तीन पिस्टल इस्तेमाल की गई थीं। इसका खुलासा आगरा फोरेंसिक लैब में भेजे गए मौके से बरामद कारतूसों के खोखों के परीक्षण के दौरान हुआ।
इन खोखों पर तीन अलग-अलग तरह के निशान थे। ये निशान पिस्टल के पिन के होते हैं, जो गोली छूटते समय कारतूस पर पिन की चोट लगने से बनते हैं। बागपत पुलिस ने दस खोखे परीक्षण के लिए भेजे थे।
इनके साथ एक पिस्टल भी भेजा गया था जो गैंगस्टर सुनील राठी की निशानदेही पर जेल से ही बरामद हुआ था। यह माना जा रहा था कि सुनील राठी ने इसी पिस्टल से मुन्ना की हत्या की है। हालांकि यह बात इसलिए गले नहीं उतर रही थी कि उसने बड़ी आसानी से पिस्टल बरामद करा दिया था।
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तब भी यह शक था कि वह कोई चाल चल रहा है, क्योंकि अगर फोरेंसिक परीक्षण में इस पिस्टल से गोली चलना नहीं पाया गया तो उसे इसका फायदा मिलेगा। दूसरा, सवाल यह था कि इतनी सारी गोलियां इतने कम समय में एक ही पिस्टल से कैसे चलाई जा सकती हैं।
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इन खोखों पर तीन अलग-अलग तरह के निशान थे। ये निशान पिस्टल के पिन के होते हैं, जो गोली छूटते समय कारतूस पर पिन की चोट लगने से बनते हैं। बागपत पुलिस ने दस खोखे परीक्षण के लिए भेजे थे।
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इनके साथ एक पिस्टल भी भेजा गया था जो गैंगस्टर सुनील राठी की निशानदेही पर जेल से ही बरामद हुआ था। यह माना जा रहा था कि सुनील राठी ने इसी पिस्टल से मुन्ना की हत्या की है। हालांकि यह बात इसलिए गले नहीं उतर रही थी कि उसने बड़ी आसानी से पिस्टल बरामद करा दिया था।
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तब भी यह शक था कि वह कोई चाल चल रहा है, क्योंकि अगर फोरेंसिक परीक्षण में इस पिस्टल से गोली चलना नहीं पाया गया तो उसे इसका फायदा मिलेगा। दूसरा, सवाल यह था कि इतनी सारी गोलियां इतने कम समय में एक ही पिस्टल से कैसे चलाई जा सकती हैं।
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अगर अकेले सुनील राठी ने गोली चलाई तो उसने इतनी गोलियां चलाने की जरूरत क्या थी जबकि मुन्ना बजरंगी पर फायर बहुत नजदीक से किए गए। अब साफ हो रहा है कि गोलियां तीन पिस्टल से चलीं।
इससे यह भी पता चल रहा है कि साजिश बहुत गहरी है जिससे पर्दा उठना आसान नहीं है। सब कुछ पहले से तय था, कौन कौन गोली चलाएगा? पुलिस के आने पर क्या कहानी बनाई जाएगी? बरामद कराने के लिए पिस्टल कहां छिपाकर रखी जाएगी?
नई रिपोर्ट में शामिल की जाएगी जानकारी
लैब के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि बागपत पुलिस ने सिर्फ यही जानना चाहा था कि बरामद पिस्टल से गोली चली या नही, इस कारण अभी इतनी ही रिपोर्ट भेजी गई कि उस पिस्टल से गोली नहीं चली।
अब बागपत के एसपी ने कुछ आपत्ति लगाकर रिपोर्ट वापस की है। इसका अध्ययन किया जा रहा है। जरूरी हुआ तो तीन पिस्टलों के इस्तेमाल का तथ्य भी नई रिपोर्ट में शामिल कर लिया जाएगा।
इससे यह भी पता चल रहा है कि साजिश बहुत गहरी है जिससे पर्दा उठना आसान नहीं है। सब कुछ पहले से तय था, कौन कौन गोली चलाएगा? पुलिस के आने पर क्या कहानी बनाई जाएगी? बरामद कराने के लिए पिस्टल कहां छिपाकर रखी जाएगी?
नई रिपोर्ट में शामिल की जाएगी जानकारी
लैब के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि बागपत पुलिस ने सिर्फ यही जानना चाहा था कि बरामद पिस्टल से गोली चली या नही, इस कारण अभी इतनी ही रिपोर्ट भेजी गई कि उस पिस्टल से गोली नहीं चली।
अब बागपत के एसपी ने कुछ आपत्ति लगाकर रिपोर्ट वापस की है। इसका अध्ययन किया जा रहा है। जरूरी हुआ तो तीन पिस्टलों के इस्तेमाल का तथ्य भी नई रिपोर्ट में शामिल कर लिया जाएगा।