{"_id":"5e8f31408ebc3e77b107505e","slug":"dog-bite-nine-year-old-girl-died-after-three-months","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"श्वान के काटने से नौ वर्षीय बालिका की मौत, परिवार का आरोप, नहीं लगा अस्पताल में टीका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्वान के काटने से नौ वर्षीय बालिका की मौत, परिवार का आरोप, नहीं लगा अस्पताल में टीका
Fri, 10 Apr 2020 12:04 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 10 Apr 2020 12:04 AM IST
सार
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बोले मामले की कराएंगे जांच
विज्ञापन
मृतका कोमल का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मैनपुरी जनपद के कुरावली थाना क्षेत्र के गांव नगला घनी में श्वान के काटने से बालिका की मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं मिलने के कारण बालिका की मौत हुई है। बृहस्पतिवार को इस मामले में बालिका की मां ने थाने में इसकी शिकायत दी है।
कुरावली थाना क्षेत्र के नगला घनी निवासी नरेश यादव अपनी पत्नी और बच्चों के साथ नगर के मोहल्ला सुजरई में किराए के मकान में रहते हैं। उनकी नौ वर्षीय बेटी कोमल को तीन महीने पहले एक श्वान ने काट लिया था। परिजनों के अनुसार, वे कोमल को एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए लेकिन वैक्सीन नहीं मिली।
आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते वे बाजार से भी एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं खरीद सके। इसके बाद चार अप्रैल की दोपहर में बालिका कोमल के पेट में दर्द हुआ तो उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से उसे सैफई रेफर कर दिया गया। यहां उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया। हालांकि इसके बाद भी वह ठीक नहीं हुई और उसकी हालत बिगड़ती गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुरावली थाना क्षेत्र के नगला घनी निवासी नरेश यादव अपनी पत्नी और बच्चों के साथ नगर के मोहल्ला सुजरई में किराए के मकान में रहते हैं। उनकी नौ वर्षीय बेटी कोमल को तीन महीने पहले एक श्वान ने काट लिया था। परिजनों के अनुसार, वे कोमल को एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए लेकिन वैक्सीन नहीं मिली।
विज्ञापन
आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते वे बाजार से भी एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं खरीद सके। इसके बाद चार अप्रैल की दोपहर में बालिका कोमल के पेट में दर्द हुआ तो उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से उसे सैफई रेफर कर दिया गया। यहां उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया। हालांकि इसके बाद भी वह ठीक नहीं हुई और उसकी हालत बिगड़ती गई।
विज्ञापन
छह अप्रैल को दोपहर में कोमल ने दम तोड़ दिया। मां पुष्पा देवी का आरोप है कि एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं मिलने के कारण कोमल की मौत हुई है। मां पुष्पा देवी ने बृहस्पतिवार को थाने पहुंचकर इसकी जानकारी पुलिस को दी। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मामले की जांच कराई जाएगी। अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन क्यों नहीं था? यदि नहीं था तो चिकित्साधिकारी ने मांग क्यों नहीं की? यह भी पता लगाया जाएगा कि बालिका अस्पताल पहुंची थी कि नहीं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके पांडेय
मामले की जांच कराई जाएगी। अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन क्यों नहीं था? यदि नहीं था तो चिकित्साधिकारी ने मांग क्यों नहीं की? यह भी पता लगाया जाएगा कि बालिका अस्पताल पहुंची थी कि नहीं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके पांडेय