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डाक्टरों की हड़ताल ने ली मरीज की जान

Sat, 19 Dec 2015 01:45 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा Updated Sat, 19 Dec 2015 01:45 AM IST
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Doctors' strike claimed the lives of patients
एसएन मेडिकल कॉलेज में गुरुवार रात दो जूनियर डाक्टरों की पिटाई से भड़के डाक्टरों ने शुक्रवार को भी दिन भर चिकित्सकीय सेवाएं पूरी तरह ठप रखीं। इसके चलते इमरजेंसी में भर्ती शमीम (20) की उपचार न मिलने से मौत हो गई। कई मरीजों की हालत बिगड़ गई है। हमलावरों की गिरफ्तारी पर अड़े डाक्टरों ने इमरजेंसी में आए घायलों को लौटा दिया। पुलिस ने 20-25 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज कर दो को हिरासत में ले लिया, लेकिन डाक्टर सभी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं।
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जूनियर डाक्टर हड़ताल पर हैं। सीनियर लिखापढ़ी में ऑन ड्यूटी हैं, लेकिन हकीकत में उपचार न करके जूनियरों का पूरा साथ दे रहे हैं। इसके चलते ओपीडी, इमरजेंसी, आईसीयू, सभी जगह चिकित्सकीय सेवाएं ठप रहीं। जूनियर डाक्टरों ने ओपीडी बंद कराकर प्राचार्य कार्यालय के बाहर धरना दिया।
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पुलिस, प्रशासन, मेडिकल कॉलेज और सैन्य अधिकारियों की कई बार मीटिंग हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। हमलावरों में कई सैन्य वर्दी पहने हुए बताए गए हैं। उनकी पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की मदद ली जा रही    है।
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बता दें, जूनियर डाक्टर अश्वनी और सरफराज पर गुरुवार रात 12 बजे हमला तब हुआ था जब इमरजेंसी में लाए गएरिटायर्ड फौजी बारू सिंह ने उपचार न मिलने का आरोप लगाया था। हमले के बाद डाक्टरों ने चिकित्सा सेवाएं ठप कर दी थीं।
इसी के चलते शाहगंज के मोहल्ला कमाल खां निवासी तौफीककी पत्नी शमीम को उपचार नहीं मिला। वह गुरुवार शाम घर पर ही सीढ़ियों से गिरने से घायल हो गई थी। उसे देर शाम इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने केचलते रात को आईसीयू में शिफ्ट किया जाना था लेकिन हड़ताल चलते न तो वहां ले जाया गया और न ही इमरजेंसी में उपचार किया गया। उसके सिर में गहरी चोट थी। उसके परिवारीजनों ने डाक्टरों से कई बार गुहार लगाई लेकिन उन्होंने एक न सुनी। शमीम ने दोपहर को दम तोड़ दिया। प्राचार्य डा. एसके गर्ग ने बताया कि उसके उपचार के लिए सीनियर डाक्टरों को भेजा था लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुकी थी। उन्होंने माना कि  उसे हड़ताल के चलते उपचार नहीं मिल पाया।

उधर, जूनियर डाक्टर एसोसिएशन अध्यक्ष डा. लोकेश का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी और चौकी प्रभारी मनोज कुमार को निलंबित किए जाने तक हड़ताल जारी रहेगी। मनोज पर भागते हमलावरों को न पकड़ने का आरोप है। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह का कहना है कि दो हमलावर पकड़ लिए गए हैं। बाकी की तलाश की जा रही है।
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