UP News: छत से गिरा तो टूटी हड्डी-पसली, एसएन के डॉक्टरों ने बचाई जान; फेफड़ों से हो रहा था रक्तस्राव
ताजनगरी में युवक छत से गिरा तो हड्डी-पसली टूट गई। एसएन के डॉक्टरों ने जटिल ऑपरेशन करके जान बचाई। छाती के बल गिरने से फेफड़ों से रक्तस्राव हो रहा था।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने इस बार जटिल ऑपरेशन कर जूता कारीगर की जान बचाई। छत से ईंटों के ढेर पर छाती के बल गिरने के कारण बायीं ओर की सभी पसलियां टूट गई थीं। फेफड़े से रक्तस्राव हो रहा था। मरीज की जान खतरे में थी। एसएन के (कार्डियो थोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी) सीटीवीएस विभाग के डॉ. सुशील सिंघल ने चिकित्सकों की टीम के साथ ऑपरेशन कर मरीज को बचा लिया।
घटनाक्रम करीब एक महीने पुराना है। 21 जून को जूता कारीगर घर की छत से ईंटों के ढेर पर गिरकर अचेत हो गया था। परिजन प्राइवेट अस्पताल में ले गए, वहां से एसएन रेफर कर दिया गया। मरीज बेहोश था और उसका ऑक्सीजन स्तर भी काफी कम था। तुरंत एक्सरे किया गया। डॉ. सुशील सिंघल की देखरेख में तुरंत छाती में नली डालकर करीब 2 लीटर रक्त निकाला गया।
जूता कारीगर की बायीं ओर की सभी पसलियां टूटी थीं। फेफड़ों से रक्तस्राव हो रहा था और फेफड़ा सिकुड़ भी गया था। मरीज का सीटी स्कैन कराया गया और तुरंत ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। डॉ. सुशील सिंघल ने पसलियों में प्लेट लगाकर उनको जोड़ा। इस जटिल ऑपरेशन के 7 दिन बाद मरीज को छुट्टी दे दी गई। अब मरीज स्वस्थ है।
ये थी टीम
डॉ. सुशील सिंघल के साथ डॉ. रत्नेश, डॉ. मयंक, डॉ. यशवर्धन, डॉ. अंकिता व स्टाफ के सचिन और मोनू का सहयोग रहा।
पहली बार हुआ ऐसा ऑपरेशन
आगरा और आसपास के क्षेत्र में टूटी हुई पसलियों के साथ-साथ फेफड़ों का जटिल ऑपरेशन एसएन में पहली बार किया गया। आने वाले समय में इससे संबंधित जटिल बीमारियों के इलाज, आधुनिक तकनीक के माध्यम से होंगे। -डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य एवं विभागाध्यक्ष