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गजब का खेल: महीनेदारी पर डॉक्टरों ने दे दी डिग्री, खुलवा दिए अस्पताल और लैब... यहां इलाज नहीं दी जा रही मौत

Mon, 09 Dec 2024 01:07 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 09 Dec 2024 01:07 PM IST
सार

आगरा में स्वास्थ्य विभाग के नौ अस्पतालों में छापे में एक भी डॉक्टर नहीं मिला। बिना डॉक्टरों के आईसीयू-वार्ड में मरीजों इलाज का चल रहा है।

 

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Doctors gave degrees on monthly salary and opened hospitals and labs
सीएमओ, आगरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में कई चिकित्सकों ने अपनी डिग्री महीनेदारी पर देकर अस्पताल-लैब खुलवा दिए हैं। स्वास्थ्य-अग्निशमन विभाग की टीम के छापे में इसकी पोल खुल रही है। छापे के वक्त अस्पतालों में एक भी चिकित्सक नहीं मिला। इलाज की फाइल पर इनका विवरण भी नहीं था।
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कई चिकित्सकों ने अस्पताल-लैब के लाइसेंस के लिए अपने प्रमाणपत्र लगाए। एवज में 80 हजार से एक लाख रुपये तक महीनेदारी ले रहे हैं। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए ऑनकॉल डाॅक्टर बुलाकर कार्य चल रहा है। बाकी समय अस्पताल का संचालक-स्टाफ इलाज का जिम्मा संभाल रहा है।
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झांसी मेडिकल कॉलेज में आग से नवजातों की मौत के बाद स्वास्थ्य-अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम के छापे में 9 अस्पतालों में से एक में भी डॉक्टर नहीं मिला। टीम के प्रभारी डॉ. जितेंद्र लवानियां ने बताया कि छापे में आईसीयू-वार्ड में मरीज भर्ती मिले थे। डॉक्टर मौके पर नहीं मौजूद थे। मरीजों की फाइल पर भी इलाज करने वाले डॉक्टर का विवरण नहीं था। मरीजों को भी कौन इलाज कर रहा है, इसकी जानकारी ही नहीं थी।
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15 डॉक्टरों के नाम पंजीकृत थे 449 अस्पताल-लैब
 बीते साल जून में अमर उजाला ने खुलासा किया था कि 15 डॉक्टरों के नाम से प्रदेश में 449 अस्पताल-लैब का लाइसेंस मिला हुआ है। इनमें एक चिकित्सक के नाम से 65 अस्पताल पंजीकृत थे। ये अस्पताल आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, एटा, इटावा, मेरठ, कानपुर में थे। इसकी सूची सार्वजनिक होने के बाद प्रदेश स्तर पर अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त किए गए।

छापे में यहां नहीं मिले चिकित्सक
ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित जेपी हॉस्पिटल, महादेव हॉस्पिटल, लोकहितम हॉस्पिटल, शिवशक्ति हॉस्पिटल, आकाश हॉस्पिटल, ग्लोबल हॉस्पिटल, कमला नगर के ओम अशोका हॉस्पिटल, भाटिया क्रिटिकल केयर यूनिट, हृदयम हॉस्पिटल में चिकित्सक नहीं मिले। दो अवैध पैथोलॉजी भी पाई गईं। 5 में स्वीकृत से दोगुना तक बेड पाए गए।

डिग्री देकर खुलवाए अस्पताल, मौके पर नहीं मिले
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ चिकित्सक हैं जो अस्पताल-लैब के लाइसेंस के लिए अपनी चिकित्सकीय डिग्री लगा रहे हैं। निरीक्षण में इनके यहां एक भी डॉक्टर नहीं मिला। इन चिकित्सकों की सूची बना रहे हैं, जिसे आईएमए को देंगे। इनके संस्थानों पर कार्रवाई भी करेंगे।

ये मरीज के प्रति लापरवाही, सीएमओ करें कार्रवाई
आईएएम सचिव डॉ. रजनीश मिश्रा का कहना है कि कई चिकित्सक अपनी डिग्री से अस्पताल खुलवा रहे हैं और सेवाएं नहीं दे रहे। आईएएम इसे गलत मानता है। अस्पताल में डाॅक्टर का नहीं होना और बीएचटी पर उनका विवरण दर्ज नहीं करना, गंभीर लापरवाही है, संबंधित चिकित्सकों की जानकारी कर सीएमओ कार्रवाई करें।


लाइसेंस के लिए ये हैं मानक
चिकित्सकीय उपस्थिति के लिए प्रवेश द्वार, डॉक्टर के चैंबर में सीसीटीवी कैमरे। मरीज की फाइल पर डॉक्टर का पूर्ण विवरण, अस्पताल में चिकित्सकीय सेवाओं के खर्चे की सूची, संबंधित चिकित्सक का नाम। लाइसेंस के वक्त शपथपत्र समेत अन्य नियम थे, जिनका पालन नहीं हो रहा है।
 
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