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बुजुर्ग तीमारदार को डाक्टर ने जड़ा तमाचा
अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 05 Jul 2016 11:55 PM IST
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तीमारदार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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डाक्टर को लोग भगवान का दर्जा देते हैं, लेकिन एसएन मेडिकल में डाक्टर की हरकत से मानवता शर्मसार हो गई। इमरजेंसी में हालत बिगड़ने पर मरीज को डाक्टर की कुर्सी पर क्या बिठा दिया, जूनियर डाक्टर ने आपा खो दिया। गालियां देना शुरू कर दिया। तीमारदार ने उम्र और इंसानियत का हवाला दिया तो जोरदार तमाचा जड़ दिया। पीड़ित ने इसकी शिकायत एसएन मेडिकल कालेज प्राचार्य से की। उन्होंने मामले की जांच के लिए कमेटी बना दी।
मामला हीराबाग, दयालबाग निवासी वीपी मिश्रा (70) का है। ये अपने साले अस्थमा पीड़ित मुरारीलाल शर्मा (85) को लेकर इमरजेंसी पहुंचे। पहले फाइल बनाने में देरी की, मरीज को भर्ती नहीं किया। इसी बीच इनकी हालत बिगड़ने लगी। ऐसे में पास ही पड़ी कुर्सी पर मरीज को बिठा दिया। पीड़ित वीपी मिश्रा ने बताया कि मरीज को कुर्सी पर बिठाना ही मेरा गुनाह था, थोड़ी देर बाद जूनियर डाक्टर डा. रामप्रकाश पांडे आया और बोला, अंधा है क्या... डाक्टर की कुर्सी पर बैठा है, उठ यहां से। उन्होंने डाक्टर को बताया कि इन पर खड़ा नहीं हुआ जा रहा, भर्ती आप कर रहे नहीं और बुजुर्गों से ऐसे बात करते हैं। इतना सुनते ही डाक्टर बौखला गया, गालियां देते हुए उन्हें थप्पड़ मार दिया। ये देख अन्य डाक्टर भी आए और अपने साथी को रोका। घटना से वो अवाक रह गए, यहां से पीड़ित प्राचार्य कार्यालय पहुंचे और उन्हें पूरा माजरा बताया। इस हरकत को सुन प्राचार्य भी दंग रह गए, तत्काल उन्होंने इमरजेंसी मेडिकल आफिसर से बात की, तो पता चला कि आरोपी डाक्टर घटना के बाद से ही गायब हो गया है। प्राचार्य डा. एसके गर्ग ने बताया कि घटना शर्मनाक है, जांच कराई जाएगी, दोषी डाक्टर पर कार्रवाई होगी।
इमरजेंसी में आए दिन वारदात
इमरजेंसी में जूनियर डाक्टरों का रवैया बेहद रूखा है। यहां मरीज या तीमारदार के साथ आए दिन पिटाई-अभद्रता की घटनाएं होती हैं।
बुजुर्ग, महिलाओं का सम्मान, हमारे संस्कार
डाक्टरों से मारपीट के विरोध में लामबंद होने वाले डाक्टरों ने भी संस्कारों को शिक्षा से बड़ा बताया। आईएमए अध्यक्ष डा. जेएन टंडन का कहना है कि घटना की क्या पृष्ठभूमि है, इसकी जानकारी नहीं, लेकिन 70 साल के बुजुर्ग को तमाचा मारा है, बेहद शर्मनाक है। हमें बचपन से ही महिला, बुजुर्ग और विकलांगों का सम्मान करने की शिक्षा मिलती है। वैसे भी शिक्षक-चिकित्सक ही ऐसा वर्ग है, जिन्हें समाज में सबसे ज्यादा सम्मान मिलता है। अगर ये वर्ग ऐसी हरकत करेंगे तो निसंदेह समाज में गलत संदेश जाएगा।
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मामला हीराबाग, दयालबाग निवासी वीपी मिश्रा (70) का है। ये अपने साले अस्थमा पीड़ित मुरारीलाल शर्मा (85) को लेकर इमरजेंसी पहुंचे। पहले फाइल बनाने में देरी की, मरीज को भर्ती नहीं किया। इसी बीच इनकी हालत बिगड़ने लगी। ऐसे में पास ही पड़ी कुर्सी पर मरीज को बिठा दिया। पीड़ित वीपी मिश्रा ने बताया कि मरीज को कुर्सी पर बिठाना ही मेरा गुनाह था, थोड़ी देर बाद जूनियर डाक्टर डा. रामप्रकाश पांडे आया और बोला, अंधा है क्या... डाक्टर की कुर्सी पर बैठा है, उठ यहां से। उन्होंने डाक्टर को बताया कि इन पर खड़ा नहीं हुआ जा रहा, भर्ती आप कर रहे नहीं और बुजुर्गों से ऐसे बात करते हैं। इतना सुनते ही डाक्टर बौखला गया, गालियां देते हुए उन्हें थप्पड़ मार दिया। ये देख अन्य डाक्टर भी आए और अपने साथी को रोका। घटना से वो अवाक रह गए, यहां से पीड़ित प्राचार्य कार्यालय पहुंचे और उन्हें पूरा माजरा बताया। इस हरकत को सुन प्राचार्य भी दंग रह गए, तत्काल उन्होंने इमरजेंसी मेडिकल आफिसर से बात की, तो पता चला कि आरोपी डाक्टर घटना के बाद से ही गायब हो गया है। प्राचार्य डा. एसके गर्ग ने बताया कि घटना शर्मनाक है, जांच कराई जाएगी, दोषी डाक्टर पर कार्रवाई होगी।
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इमरजेंसी में आए दिन वारदात
इमरजेंसी में जूनियर डाक्टरों का रवैया बेहद रूखा है। यहां मरीज या तीमारदार के साथ आए दिन पिटाई-अभद्रता की घटनाएं होती हैं।
बुजुर्ग, महिलाओं का सम्मान, हमारे संस्कार
डाक्टरों से मारपीट के विरोध में लामबंद होने वाले डाक्टरों ने भी संस्कारों को शिक्षा से बड़ा बताया। आईएमए अध्यक्ष डा. जेएन टंडन का कहना है कि घटना की क्या पृष्ठभूमि है, इसकी जानकारी नहीं, लेकिन 70 साल के बुजुर्ग को तमाचा मारा है, बेहद शर्मनाक है। हमें बचपन से ही महिला, बुजुर्ग और विकलांगों का सम्मान करने की शिक्षा मिलती है। वैसे भी शिक्षक-चिकित्सक ही ऐसा वर्ग है, जिन्हें समाज में सबसे ज्यादा सम्मान मिलता है। अगर ये वर्ग ऐसी हरकत करेंगे तो निसंदेह समाज में गलत संदेश जाएगा।
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