{"_id":"66da712750208a5bd205b4ce","slug":"do-this-work-before-construction-of-building-if-ada-comes-in-sight-it-will-be-demolished-2024-09-06","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP News: भवन निर्माण से पहले जरूर कर लें ये काम, एडीए की नजर पड़ी तो कर दिया जाएगा ध्वस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: भवन निर्माण से पहले जरूर कर लें ये काम, एडीए की नजर पड़ी तो कर दिया जाएगा ध्वस्त
Fri, 06 Sep 2024 08:34 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
देश दीपक तिवारी, आगरा
देश दीपक तिवारी, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 06 Sep 2024 08:34 AM IST
सार
भवन निर्माण कराने से पहले कागजी कार्रवाई के अलावा एडीए से नक्शा पास कराना भी जरूरी है। यदि ऐसा नहीं किया तो निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
बुलडोजर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भवन का नक्शा पास कराने के बाद अवैध निर्माण किया तो अब सीलिंग नहीं सीधा ध्वस्तीकरण होगा। स्वीकृत मानचित्र के विचलन पर आगरा विकास प्राधिकरण में अब कोई राहत नहीं मिलेगी। हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद कंपाउंडिंग पर रोक लग गई है।
नगर योजना एवं विकास अधिनियम के तहत एडीए से स्वीकृत मानचित्र का 10 प्रतिशत तक विचलन वैध हो जाता था। इसके लिए एडीए शमन शुल्क लेता था। जुर्माने के बाद अवैध निर्माण को वैधता मिल जाती थी। लेकिन, अब ऐसा नहीं हो रहा। बिना नक्शा पास भवनों पर ही कंपाउंडिंग हो रही है। जिन भवनों में स्वीकृत मानचित्र के विरुद्ध निर्माण हो रहा है उन्हें ध्वस्त किया जा रहा है।
विज्ञापन
नगर योजना एवं विकास अधिनियम के तहत एडीए से स्वीकृत मानचित्र का 10 प्रतिशत तक विचलन वैध हो जाता था। इसके लिए एडीए शमन शुल्क लेता था। जुर्माने के बाद अवैध निर्माण को वैधता मिल जाती थी। लेकिन, अब ऐसा नहीं हो रहा। बिना नक्शा पास भवनों पर ही कंपाउंडिंग हो रही है। जिन भवनों में स्वीकृत मानचित्र के विरुद्ध निर्माण हो रहा है उन्हें ध्वस्त किया जा रहा है।
विज्ञापन
इस संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक याचिका पर निर्णय दिया था। गाजियाबाद प्राधिकरण में कंपाउंडिंग को लेकर याचिका दायर की गई थी। जिसके बाद नक्शा पास भवनों में कंपाउंडिंग पर रोक लग गई है। एडीए की सचिव श्रद्धा शांडिल्यायन ने बताया कि अभी स्वीकृत मानचित्र का विचलन करने पर कंपाउंडिंग बंद है। इस संबंध में शासन से स्पष्ट गाइडलाइन मांगी गई है। गाइडलाइन मिलने तक ऐसे भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
नक्शा पास नहीं होने पर कंपाउंड
एडीए सचिव ने बताया कि सिर्फ उन्हीं भवनों को कंपाउंड किया जा रहा है जिनका नक्शा पास नहीं है। नगर योजना एवं विकास अधिनियम में यह प्रावधान है। बिना नक्शा पास कराए अवैध निर्माण को पहले सील किया जाएगा। कंपाउंड नहीं कराने पर ध्वस्तीकरण होगा। यदि कोई बार-बार सील तोड़कर अवैध निर्माण करता है तो ऐसे निर्माणों के विरुद्ध भी ध्वस्तीकरण का प्रावधान है।
एडीए सचिव ने बताया कि सिर्फ उन्हीं भवनों को कंपाउंड किया जा रहा है जिनका नक्शा पास नहीं है। नगर योजना एवं विकास अधिनियम में यह प्रावधान है। बिना नक्शा पास कराए अवैध निर्माण को पहले सील किया जाएगा। कंपाउंड नहीं कराने पर ध्वस्तीकरण होगा। यदि कोई बार-बार सील तोड़कर अवैध निर्माण करता है तो ऐसे निर्माणों के विरुद्ध भी ध्वस्तीकरण का प्रावधान है।
बीएम विराट रेजीडेंसी पर चला बुलडोजर
रुनकता स्थित बीएम विराट रेजीडेंसी पर बृहस्पतिवार को एडीए का बुलडोजर चला। यहां 12 हजार वर्ग मीटर में आलोक अग्रवाल की ओर से खसरा संख्या 1809 पर अवैध कॉलोनी विकसित की गई। चहारदीवारी, गेट व सड़क डालकर प्लॉटिंग हो रही थी। जेसीबी से सड़क उखाड़ी गई। गेट व अन्य निर्माण ध्वस्त किए। वहीं, कालिंदी विहार 100 फीट रोड पर प्लॉट डी-902 पर रजनी देवी और राजेश कुमार गुप्ता की ओर से सील तोड़कर अवैध निर्माण किया जा रहा था। जिसे ध्वस्तीकरण की चेतावनी देते हुए फिर सील किया गया है।
रुनकता स्थित बीएम विराट रेजीडेंसी पर बृहस्पतिवार को एडीए का बुलडोजर चला। यहां 12 हजार वर्ग मीटर में आलोक अग्रवाल की ओर से खसरा संख्या 1809 पर अवैध कॉलोनी विकसित की गई। चहारदीवारी, गेट व सड़क डालकर प्लॉटिंग हो रही थी। जेसीबी से सड़क उखाड़ी गई। गेट व अन्य निर्माण ध्वस्त किए। वहीं, कालिंदी विहार 100 फीट रोड पर प्लॉट डी-902 पर रजनी देवी और राजेश कुमार गुप्ता की ओर से सील तोड़कर अवैध निर्माण किया जा रहा था। जिसे ध्वस्तीकरण की चेतावनी देते हुए फिर सील किया गया है।