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जीवन में तनाव को न करें अनदेखा हो सकते हैं अवसाद का शिकार
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कासगंज। स्वास्थ्य विभाग ने नई हवेली स्थित वृद्धाश्रम व काली माता मंदिर में मानसिक रोग जागरूकता शिविर का आयोजन किया। शिविर के माध्यम से लोगों को मानसिक रोगों के लक्षण आदि के बारे में जानकारी दी गई। मानसिक कॉउंसलर अरुण कुमार शर्मा ने वृद्धाश्रम में कर्मचारियों को अवसाद विषय पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसका शुरूआती लक्षण तनाव है, इसलिए तनाव को अनदेखा न करें।
अवसाद का समय पर उपचार न किया जाए तो कुछ केस में आत्महत्या का कारण भी बन जाता है, इसलिए अवसाद के लक्षणों को पहचानें। आवश्यक स्थिति में मनोचिकित्सक तथा मनोरोग कॉउंसलर से सम्पर्क करें। मानसिक दबाव को लेकर टाइम रहते ही जांच व दवा कराएं। शासन से उनके कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। साथ ही कोरोना से बचाव, उपचार और मास्क, दो गज दूरी, साफ सफाई का विशेष ख्याल रखें।
डॉ. यश कुमार ने बताया नियमित दिनचर्या खुशहाल जीवनशैली, व्यायाम, मनोरंजन आदि क्रिया शैली से तनाव और अवसाद को दूर किया जा सकता है। जिन मरीजों को नींद न आना, बेचैनी, डर, शंका, शक, अवसाद, पागलपन की समस्या होती है, वे जिला अस्पताल मे तीन दिन ओपीडी में सम्पर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य का अधिकार, सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार और अपनी बात और अभिव्यक्ति रखने का अधिकार आदि का भी बुजुर्ग के घर वालों को ध्यान रखना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान वार्डन निशा,
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अनोखी लाल, संगीता, संजय, योगेश व मंदिर के श्री अवतार पूरी जी महाराज व श्रद्धालु मौजूद रहे।
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अवसाद का समय पर उपचार न किया जाए तो कुछ केस में आत्महत्या का कारण भी बन जाता है, इसलिए अवसाद के लक्षणों को पहचानें। आवश्यक स्थिति में मनोचिकित्सक तथा मनोरोग कॉउंसलर से सम्पर्क करें। मानसिक दबाव को लेकर टाइम रहते ही जांच व दवा कराएं। शासन से उनके कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। साथ ही कोरोना से बचाव, उपचार और मास्क, दो गज दूरी, साफ सफाई का विशेष ख्याल रखें।
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डॉ. यश कुमार ने बताया नियमित दिनचर्या खुशहाल जीवनशैली, व्यायाम, मनोरंजन आदि क्रिया शैली से तनाव और अवसाद को दूर किया जा सकता है। जिन मरीजों को नींद न आना, बेचैनी, डर, शंका, शक, अवसाद, पागलपन की समस्या होती है, वे जिला अस्पताल मे तीन दिन ओपीडी में सम्पर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य का अधिकार, सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार और अपनी बात और अभिव्यक्ति रखने का अधिकार आदि का भी बुजुर्ग के घर वालों को ध्यान रखना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान वार्डन निशा,
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अनोखी लाल, संगीता, संजय, योगेश व मंदिर के श्री अवतार पूरी जी महाराज व श्रद्धालु मौजूद रहे।