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Kasganj: देशी सामान से सजेगी दिवाली की शाम, लाइटिंग कारोबार में चीन को लगा बड़ा झटका
Tue, 18 Oct 2022 07:31 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 18 Oct 2022 07:31 AM IST
सार
भारतीय कंपनियों ने बाजार में माल उतारने से पहले परंपराओं का भी ध्यान रखा है। कुबेर यंत्र को काफी शुभ माना जाता है। इस यंत्र का वंदनवार बाजार में उपलब्ध है। गणेश, लक्ष्मी की रोशनी वाली मूर्तियां भी बाजार में हैं।
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कासगंज में दुकान पर बिक्री के लिए रखीं देशी झालर ।
- फोटो : KASGANJ
विस्तार
कासगंज में दिवाली पर्व को लेकर लाइटिंग का बाजार तैयार है। इस बार रोशनी के देशी आइटमों (सामान)ने चीन को चित कर दिया। 40 प्रतिशत लाइटिंग बाजार को देशी आइटमों ने चीन के कब्जे से छीन लिया है। आकर्षक होने की वजह से देशी आइटम ग्राहकों को खूब लुभा रहे हैं। इससे इन्हीं को खरीदा जा रहा है।
जिले में दिवाली के सीजन में लगभग 4 करोड़ तक का लाइटिंग का कारोबार होता है। अभी तक इस कारोबार पर पूरी तरह से चीन का कब्जा था। गलवान की घटना के बाद से चीन के प्रति लोगों में पैदा हुआ गुस्सा अभी तक कायम है। पिछले साल बाजार में रोशनी से जुडे़ देशी आइटम उतारे गए थे। इनमें वैरायटी कम थी। इसके बावजूद लोगों ने देशी आइटम को प्राथमिकता दी। इनके बिकने के बाद जरूरत को चीन के सामान ने पूरा किया। इस बार नजारा बदल हुआ है। दिल्ली, अहमदाबाद और राजस्थान की कंपनियों ने बाजार को आकर्षक आइटम मुहैया कराए हैं। 40 प्रतिशत तक देशी सामान इस समय बाजार में मौजूद है। इनकी दरें भी सामान्य हैं। इससे ग्राहकों की जेब पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा।
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भारतीय परंपराओं का भी ध्यान रखा गया
भारतीय कंपनियों ने बाजार में माल उतारने से पहले परंपराओं का भी ध्यान रखा है। कुबेर यंत्र को काफी शुभ माना जाता है। इस यंत्र का वंदनवार बाजार में उपलब्ध है। गणेश, लक्ष्मी की रोशनी वाली मूर्तियां भी बाजार में हैं। इसके साथ ही रोशनी वालेकलश, दीपक व मोमबत्ती भी बाजार में मौजूद हैं।
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जिले में दिवाली के सीजन में लगभग 4 करोड़ तक का लाइटिंग का कारोबार होता है। अभी तक इस कारोबार पर पूरी तरह से चीन का कब्जा था। गलवान की घटना के बाद से चीन के प्रति लोगों में पैदा हुआ गुस्सा अभी तक कायम है। पिछले साल बाजार में रोशनी से जुडे़ देशी आइटम उतारे गए थे। इनमें वैरायटी कम थी। इसके बावजूद लोगों ने देशी आइटम को प्राथमिकता दी। इनके बिकने के बाद जरूरत को चीन के सामान ने पूरा किया। इस बार नजारा बदल हुआ है। दिल्ली, अहमदाबाद और राजस्थान की कंपनियों ने बाजार को आकर्षक आइटम मुहैया कराए हैं। 40 प्रतिशत तक देशी सामान इस समय बाजार में मौजूद है। इनकी दरें भी सामान्य हैं। इससे ग्राहकों की जेब पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा।
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भारतीय कंपनियां ले रहीं सामान की गारंटी
चीन के आइटम की दुकानदार गारंटी नहीं लेते हैं। भारतीय कंपनी अपने सामान की गारंटी ले रही हैं। छह माह की गारंटी से ग्राहकों के बीच देशी आइटम के प्रति क्रेज बढ़ा है।
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भारतीय परंपराओं का भी ध्यान रखा गया
भारतीय कंपनियों ने बाजार में माल उतारने से पहले परंपराओं का भी ध्यान रखा है। कुबेर यंत्र को काफी शुभ माना जाता है। इस यंत्र का वंदनवार बाजार में उपलब्ध है। गणेश, लक्ष्मी की रोशनी वाली मूर्तियां भी बाजार में हैं। इसके साथ ही रोशनी वालेकलश, दीपक व मोमबत्ती भी बाजार में मौजूद हैं।