फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Diwali 2022 celebration in Agra Worship of Goddess Lakshmi and Shri Ganesh in houses

Diwali 2022 Agra: आतिशबाजी से सजा आसमान, दीपों से रोशन घरों में विधि-विधान से हुआ मां लक्ष्मी-श्रीगणेश का पूजन

Tue, 25 Oct 2022 08:28 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 25 Oct 2022 08:28 AM IST
सार

बंदनवार से सजे घरों में रंगबिरंगी बिजली की झालरों के साथ रंगोली सजाई गई। शाम होते ही घरों और प्रतिष्ठानों में शुभ मुहूर्त में भगवान श्रीगणेश और महालक्ष्मी का पूजन किया गया।

विज्ञापन
Diwali 2022 celebration in Agra Worship of Goddess Lakshmi and Shri Ganesh in houses
आतिशबाजी - फोटो : Demo Pic

विस्तार

ताजमहल के शहर आगरा में दिवाली धूमधाम से मनाई गई। सोमवार को उल्लास के पर्व दीपोत्सव का रंग शाम होते ही नजर आने लगा। सूर्य के ओझल होते ही रात के अंधेरे ने जमीं को अपने आगोश में लेना चाहा, लेकिन उसी समय घर-घर में जले दीप और टिमटिमाती झालरों ने अंधकार को परास्त कर दिया। ये अद्भुत नजारा ऐसा था कि मानो आसमान के सारे तारे उतर आए हैं। शाम को प्रदोष काल शुरू होने के साथ ही परिवार के साथ लोगों ने घरों में मां लक्ष्मी और गणेश जी का आह़वान किया। मां लक्ष्मी के मंत्रों के साथ समृद्धि की कामना की गई। बच्चों व बड़ों ने पटाखे जलाकर खुशियां मनाई और एक-दूसरे को मिठाई खिलाई।
विज्ञापन

जमकर हुई आतिशबाजी

आगरा में हरित पटाखों को चलाने की अनुमति मिली तो जमकर आतिशबाजी हुई। बंदनवार से सजे घरों में रंगबिरंगी बिजली की झालरों के साथ रंगोली सजाई गई। शाम होते ही घरों और प्रतिष्ठानों में शुभ मुहूर्त में भगवान श्रीगणेश और महालक्ष्मी का पूजन किया गया। महालक्ष्मी के स्वागत के लिए पूरा शहर दुल्हन की तरह सज-धजकर तैयार नजर आया। शहर के गली-मोहल्ले, कॉलोनी, बाजार, शोरूम सतरंगी रोशनी से जगमग दिखे। हर कोना फूलों से महका। लोगों ने पूजा कर मां लक्ष्मी और गणेश भगवान से सुख-समृद्धि की कामना की। 
विज्ञापन

दिवाली की ये है मान्यता

त्रेता युग में भगवान राम जब लंकापति रावण का वध कर अयोध्या लौटे तो उनके आगमन पर दीप जलाकर उनका स्वागत किया गया था और खुशियां मनाई गई थीं। इसी कारण प्रति वर्ष इस तिथि (कार्तिक अवामस्या) को दिवाली मनाई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुमन बृष्टि नभ संकुल भवन चले सुखकंद।
चढ़ी अटारिन्ह देखहिं नगर नारि नर बृंद॥  
भावार्थ : आनंदकन श्रीरामजी अपने महल को चले, आकाश फूलों की वृष्टि से छा गया, नगर के स्त्री-पुरुषों के समूह अटारियों पर चढ़कर उनके दर्शन कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed