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अंकतालिका में गड़बड़ी, सुधार के लिए लगा रहे चक्कर
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अंकतालिका में त्रुटियां, डिग्री समेत अन्य समस्याओं के समाधान के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पांच से सात बार प्रार्थनापत्र देने के बाद भी परेशानी हल नहीं हो रहीं। सोमवार को समस्या हल कराने के लिए विद्यार्थियों की हेल्प डेस्क पर भीड़ रही। दूरदराज से आने वाले छात्रों को ज्यादा परेशानी हो रही है।
सोमवार को विश्वविद्यालय की हेल्प डेस्क पर 282 प्रार्थनापत्र आए, इसमें से अंकतालिका में नाम की स्पेलिंग-रोल नंबर, विषयों के नाम गलत होने और डिग्री-अंकतालिका न मिलने की परेशानी के अधिक रहे। यहां अलीगढ़, हाथरस, एटा, इटावा, मैनपुरी, मथुरा समेत दूरदराज से छात्र आए। छात्रों का कहना था कि कई बार प्रार्थनापत्र दे चुके हैं। लेकिन समस्या का हल नहीं हो रहा है। इस कारण नौकरी और उच्च शिक्षा के लिए भी आवेदन करने में दिक्कत हो रही है। विश्वविद्यालय के पीआरओ प्रो. प्रदीप श्रीधर का कहना है कि प्रार्थनापत्र मिलने के बाद संबंधित विभागों में सुधार के लिए भेजा जा रहा है, इसमें तेजी लाने के लिए पटल प्रभारियों को निर्देशित करेंगे।
किरावली के मास्टर ऑफ फाइन आर्ट के छात्र रहे धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी अंकतालिका में त्रुटि है। उनका नाम और रोल नंबर गलत दर्ज कर दिया है। इसे ठीक कराने के लिए हेल्प डेस्क पर पांच बार प्रार्थनापत्र दे चुके हैं। अधिकारियों से भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इससे नौकरी के लिए भी आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
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फर्रुखाबाद के राजेश कुमार ने बताया कि उन्होंने 2006 में बीएससी पास की। अंकतालिका नहीं मिली, तो हस्तलिखित बनवाली। इसके बाद कंपयूटराइज्ड अंकतालिका के लिए वह लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन नहीं बनी है। आए दिन चक्कर काटने पड़ रहे हैं। फर्रुखाबाद से यहां आने में किराया-भाड़ा भी बहुत खर्च हो रहा है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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सोमवार को विश्वविद्यालय की हेल्प डेस्क पर 282 प्रार्थनापत्र आए, इसमें से अंकतालिका में नाम की स्पेलिंग-रोल नंबर, विषयों के नाम गलत होने और डिग्री-अंकतालिका न मिलने की परेशानी के अधिक रहे। यहां अलीगढ़, हाथरस, एटा, इटावा, मैनपुरी, मथुरा समेत दूरदराज से छात्र आए। छात्रों का कहना था कि कई बार प्रार्थनापत्र दे चुके हैं। लेकिन समस्या का हल नहीं हो रहा है। इस कारण नौकरी और उच्च शिक्षा के लिए भी आवेदन करने में दिक्कत हो रही है। विश्वविद्यालय के पीआरओ प्रो. प्रदीप श्रीधर का कहना है कि प्रार्थनापत्र मिलने के बाद संबंधित विभागों में सुधार के लिए भेजा जा रहा है, इसमें तेजी लाने के लिए पटल प्रभारियों को निर्देशित करेंगे।
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किरावली के मास्टर ऑफ फाइन आर्ट के छात्र रहे धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी अंकतालिका में त्रुटि है। उनका नाम और रोल नंबर गलत दर्ज कर दिया है। इसे ठीक कराने के लिए हेल्प डेस्क पर पांच बार प्रार्थनापत्र दे चुके हैं। अधिकारियों से भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इससे नौकरी के लिए भी आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
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फर्रुखाबाद के राजेश कुमार ने बताया कि उन्होंने 2006 में बीएससी पास की। अंकतालिका नहीं मिली, तो हस्तलिखित बनवाली। इसके बाद कंपयूटराइज्ड अंकतालिका के लिए वह लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन नहीं बनी है। आए दिन चक्कर काटने पड़ रहे हैं। फर्रुखाबाद से यहां आने में किराया-भाड़ा भी बहुत खर्च हो रहा है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।