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Mainpuri: पति-पत्नी में हुआ ऐसा विवाद...13 साल बाद टूटी शादी, दानों ने अलग रहने का लिया फैसला; जानें मामला
Sat, 27 Apr 2024 06:29 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 27 Apr 2024 06:29 PM IST
सार
शादी के 13 साल बाद पति और पत्नी एक दूसरे से अलग हो गए। दोनों के बीच समझौता कराने का बहुत प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं बनी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मैनपुरी में पति से चल रहे विवाद में जब दंपती के बीच आपस में बात नहीं बनी तो उन्होंने एक दूसरे का साथ छोड़ दिया। मीडिएशन सेंटर में हुई सुनवाई में दंपती के बीच अलग-अलग रहने की बात पर सहमति बनी। दोनों के लिखकर देने पर उनकी फाइल को अगली कार्रवाई के लिए पारिवारिक न्यायालय में वापस भेज दिया गया।
बेवर के पुराना बाजार की रहने वाली आयुषी गुप्ता की शादी 25 अक्तूबर 2011 को हर्ष गुप्ता निवासी राजापुरी उत्तम नगर नई दिल्ली के साथ हुई थी। शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर दंपती के बीच विवाद शुरू हो गया। मांग पूरी नहीं होने पर ससुराल के लोगों ने जब आयुषी का उत्पीड़न शुरू किया तो पंचायत हुई। दोनों पक्षों के बीच हुई पंचायत के बाद कुछ दिन तक मामला शांत रहा। इसके बाद एक बार फिर उनके बीच विवाद शुरू हो गया। हर्ष के घर वालों ने आयुषी को 23 मई 2022 को घर से निकाल दिया।
आयुषी मायके आ गई। उसने प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय में भरण पोषण पाने के लिए मुकदमा दायर किया। प्रधान न्यायाधीश गुलाम उल मदार द्वारा दंपती के बीच समझौता कराने के लिए मामले को मीडिएशन सेंटर में भेजा गया। मीडिएटर विनीता सिंह भदौरिया ने समझौता कराने की पहल की। लेकिन बात नहीं बनी। दंपती अलग रहने की जिद पर अड़े रहे। दोनों ने अलग-अलग रहने की बात लिखकर दी। इसके बाद मीडिएटर ने अपनी रिपोर्ट सहित फाइल को वापस प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय में वापस भेज दिया।
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4.50 लाख में हुआ समझौता
दंपती के बीच 4.50 लाख में समझौता हुआ। समझौते में तय किया गया कि हर्ष गुप्ता अपनी पत्नी को भरण पोषण के रूप में एक मुश्त तीन लाख रुपया देगा। मुकदमे की पैरवी तथा भविष्य के लिए 1.50 लाख रुपये और देगा। तय हुआ कि 4.50 लाख रुपये की धनराशि प्रधान न्यायाधीश के न्यायालय में चेक अथवा ड्राफ्ट के माध्यम से दिया जाएगा। इसके बाद उनका विवाह विच्छेद हो जाएगा।
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बेवर के पुराना बाजार की रहने वाली आयुषी गुप्ता की शादी 25 अक्तूबर 2011 को हर्ष गुप्ता निवासी राजापुरी उत्तम नगर नई दिल्ली के साथ हुई थी। शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर दंपती के बीच विवाद शुरू हो गया। मांग पूरी नहीं होने पर ससुराल के लोगों ने जब आयुषी का उत्पीड़न शुरू किया तो पंचायत हुई। दोनों पक्षों के बीच हुई पंचायत के बाद कुछ दिन तक मामला शांत रहा। इसके बाद एक बार फिर उनके बीच विवाद शुरू हो गया। हर्ष के घर वालों ने आयुषी को 23 मई 2022 को घर से निकाल दिया।
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आयुषी मायके आ गई। उसने प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय में भरण पोषण पाने के लिए मुकदमा दायर किया। प्रधान न्यायाधीश गुलाम उल मदार द्वारा दंपती के बीच समझौता कराने के लिए मामले को मीडिएशन सेंटर में भेजा गया। मीडिएटर विनीता सिंह भदौरिया ने समझौता कराने की पहल की। लेकिन बात नहीं बनी। दंपती अलग रहने की जिद पर अड़े रहे। दोनों ने अलग-अलग रहने की बात लिखकर दी। इसके बाद मीडिएटर ने अपनी रिपोर्ट सहित फाइल को वापस प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय में वापस भेज दिया।
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4.50 लाख में हुआ समझौता
दंपती के बीच 4.50 लाख में समझौता हुआ। समझौते में तय किया गया कि हर्ष गुप्ता अपनी पत्नी को भरण पोषण के रूप में एक मुश्त तीन लाख रुपया देगा। मुकदमे की पैरवी तथा भविष्य के लिए 1.50 लाख रुपये और देगा। तय हुआ कि 4.50 लाख रुपये की धनराशि प्रधान न्यायाधीश के न्यायालय में चेक अथवा ड्राफ्ट के माध्यम से दिया जाएगा। इसके बाद उनका विवाह विच्छेद हो जाएगा।